वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक मलबे से 1,430 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि 68 हजार से अधिक लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, इस आपदा से करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

39 सेकंड के अंतराल में आए दो तेज झटके

रिपोर्ट के अनुसार, सबसे पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया। इसके महज 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। लगातार आए इन भूकंपों से कई शहरों में इमारतें ढह गईं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और बड़े पैमाने पर जन-धन का नुकसान हुआ।

मलबे में जिंदा लोगों की तलाश जारी

बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए दिन-रात अभियान चला रहे हैं। राहतकर्मियों के साथ स्थानीय लोग भी फावड़े, रस्सियों, भारी मशीनों और कई जगह नंगे हाथों से मलबा हटाकर अपनों की तलाश कर रहे हैं। राजधानी काराकास के उत्तर में स्थित काराबालेडा शहर में भूकंप के तीन दिन बाद 11 वर्षीय एक बच्चे को जीवित बचा लिया गया, जिससे प्रभावित इलाकों में उम्मीद की नई किरण जगी है।

24 देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ

वेनेजुएला की अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि 24 देशों ने राहत सामग्री भेजी है। कई देशों ने खोजी कुत्तों के साथ विशेष बचाव दल और हजारों राहतकर्मियों को भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है, ताकि राहत कार्य में तेजी लाई जा सके।

राहत कार्यों पर उठे सवाल, संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

कई प्रभावित लोगों और स्वयंसेवी संगठनों ने सरकारी राहत कार्यों की धीमी और अव्यवस्थित व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने की अनुमति मिलने में काफी देरी हुई। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि लोगों को तत्काल सुरक्षित आश्रय, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और आवश्यक राहत सामग्री की जरूरत है। शुरुआती आकलन के अनुसार, इस आपदा से 6.7 अरब डॉलर तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है।

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