दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले में सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन ने अब व्यापक रूप ले लिया है। इसी क्रम में 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली के 5 अलग-अलग थानों में अब तक 10 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों में कथित हिंसा, कानून-व्यवस्था भंग करने और अन्य आरोपों से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार शाम (21 जुलाई) को कनॉट प्लेस क्षेत्र में RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के एक जवान पर कथित हमले के मामले में भी एक अलग एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दर्ज FIR का विवरण इस प्रकार है-

संसद मार्ग थाना – 4 FIR

कनॉट प्लेस (CP) थाना – 3 FIR

मंदिर मार्ग थाना – 1 FIR

बाराखंभा रोड थाना – 1 FIR

कर्तव्य पथ थाना – 1 FIR

पुलिस का कहना है कि इन मामलों की जांच जारी है। जांच टीम CCTV फुटेज, मोबाइल वीडियो, ड्रोन विजुअल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है, ताकि घटना में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

बाराखंभा रोड थाने की FIR में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराएं शामिल

20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई घटनाओं को लेकर दिल्ली के बाराखंभा रोड थाने में भी एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम (PDPP Act) की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, संसद मार्च से जुड़े मामलों में अब तक कनॉट प्लेस, संसद मार्ग, कर्तव्य पथ, बाराखंभा रोड और मंदिर मार्ग थानों में एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बाराखंभा रोड थाने में दर्ज FIR में निम्न प्रमुख धाराएं शामिल की गई हैं-

धारा 223 BNS – लोक सेवक को उसके वैध कर्तव्य के निर्वहन से रोकना या बाधा पहुंचाना।

धारा 221 BNS – सरकारी आदेश की अवज्ञा करना।

धारा 132 BNS – लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग।

धारा 121(1) और 121(2) BNS – गैरकानूनी जमावड़े के दौरान लोक सेवकों को चोट पहुंचाना।

धारा 189(3) BNS – गैरकानूनी सभा का सदस्य बने रहना, जबकि उसके गैरकानूनी होने की जानकारी हो।

धारा 190 BNS – गैरकानूनी सभा के सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए किए गए अपराध की सामूहिक जिम्मेदारी।

धारा 191(2) BNS – घातक हथियार या खतरनाक साधन के साथ दंगा करना।

धारा 192 BNS – जानबूझकर दंगा भड़काने के लिए उकसाना।

धारा 195(1) BNS – लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन में बाधा पहुंचाने या उस पर बल प्रयोग से संबंधित अपराध।

धारा 109 BNS – हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) से संबंधित आरोप।

धारा 324(5) BNS – सार्वजनिक या निजी संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचाने से संबंधित अपराध।

सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम (PDPP Act) की धारा 3  सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m