शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों को लेकर पिछले 32 दिनों से प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी मांगों की सूची में एक और प्रमुख मांग जोड़ दी है। पार्टी ने सरकार से 20 जुलाई को आयोजित संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने की मांग की है। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि प्रदर्शनकारी अब यह मांग कर रहे हैं कि 20 जुलाई के प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ न तो कोई नई एफआईआर दर्ज की जाए और न ही किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि आंदोलन में शामिल लोगों को दंडात्मक कार्रवाई से राहत मिलनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि अब आंदोलन चार प्रमुख मांगों के साथ आगे बढ़ेगा। रंका के अनुसार, आंदोलन की पहली मांग सोनम वांगचुक की रिहाई है। दूसरी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। तीसरी मांग उन बच्चों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है, जिनकी मृत्यु को पार्टी कथित तौर पर परीक्षा व्यवस्था से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि चौथी मांग 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों और किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई को वापस लेने की है। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले कई लोग खुद को परेशान और निशाना बनाए जाने का महसूस कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए रंका ने कहा कि पार्टी यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल कुछ लोगों को कार्रवाई का डर सता रहा है, जबकि उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे। रंका ने प्रदर्शनकारियों से कहा, “आप लोगों से पहले हम गिरफ्तार होंगे।” उन्होंने इस बयान के माध्यम से पार्टी नेतृत्व के प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े रहने का संदेश दिया।
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