नई दिल्ली। 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा, तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 6 FIR दर्ज की हैं और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़ी और आपराधिक साजिश की संभावना की भी पड़ताल कर रही हैं। इसके लिए घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, ये FIR पार्लियामेंट स्ट्रीट, कनॉट प्लेस और अन्य संबंधित थानों में दर्ज की गई हैं। मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने वाले कानून (Prevention of Damage to Public Property Act) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं।

सूत्रों ने बताया कि एक एफआईआर कनॉट प्लेस स्थित रीगल सिनेमा के पास हुई कथित हिंसा और पत्थरबाजी की घटना के संबंध में दर्ज की गई है। वहीं अन्य मामलों में गैर-कानूनी तरीके से एकत्र होने, संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने और हिंसा के पीछे कथित साजिश जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। इसके अलावा मारपीट, कानून को अपने हाथ में लेने और अन्य संबंधित अपराधों के आरोपों में भी अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी प्रमाणों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम (Prevention of Damage to Public Property Act) के प्रावधान भी लगाए गए हैं।

गैर-कानूनी तरीके से जमा की भीड़

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से भीड़ एकत्र की, सार्वजनिक व्यवस्था भंग की, सरकारी अधिकारियों को उनके कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोका और हिंसक गतिविधियों में शामिल होकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। एफआईआर के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई। पुलिस का यह भी दावा है कि घटना के दौरान इलाके में तैनात कई पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।

आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, घटना में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए विभिन्न तकनीकी माध्यमों से जुटाए गए सबूतों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम CCTV फुटेज, ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए विजुअल, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। इन साक्ष्यों के आधार पर घटना के दौरान मौजूद लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो, पोस्ट और अन्य डिजिटल सामग्री का भी विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

कथित साजिश के एंगल की भी जांच

जांच के दौरान कुछ ऐसे अहम साक्ष्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर हिंसा के पीछे कथित योजना या साजिश की आशंका को लेकर अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या घटनाक्रम पूर्व नियोजित था और इसमें किसी संगठित योजना के तहत गतिविधियां संचालित की गई थीं। इस संबंध में उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, वीडियो फुटेज और अन्य डिजिटल सामग्री का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने भी कहा था कि वह घटना से संबंधित सामने आए विभिन्न वीडियो और फुटेज की प्रामाणिकता की पुष्टि कर रही है। साथ ही संसद सत्र के दौरान ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर लागू नियमों के संभावित उल्लंघन की भी जांच की जा रही है।

राजधानी में सुरक्षा कड़ी

राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, राजधानी के अहम स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है, वाहनों की सघन जांच की जा रही है और सरकारी कार्यालयों, प्रमुख चौराहों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस एवं अर्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री फोर्स) की तैनाती की गई है। पुलिस का दावा है कि झड़पों के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि 20 से ज्यादा पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए। इन घटनाओं के संबंध में दर्ज मामलों की जांच जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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