सिद्धार्थ शरद/ वैशाली। बिहार में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के निवाले पर डाका डालने का एक गंभीर मामला सामने आया है। ताजा घटना सदर थाना क्षेत्र के सुभाई गांव (बिशनपुर बसंत, वार्ड नंबर 4) स्थित सिसौनी रजौली की है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 103 पर बच्चों के लिए आया सरकारी अनाज खुलेआम कालाबाजारी की भेंट चढ़ने वाला था, जिसे ग्रामीणों की सूझबूझ से बचा लिया गया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बीते कल आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों और जरूरतमंदों के बीच वितरण के लिए राशन की खेप पहुंची थी। लेकिन लाभार्थी तक पहुंचने के बजाय, आज सुबह इस अनाज को चोरी-छिपे बेचने की साजिश रची गई। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र पर एक संदिग्ध गाड़ी बुलाई गई और चुपके से उस पर सरकारी अनाज लाद दिया गया।
ग्रामीणों की मुस्तैदी ने पकड़ी चोरी
जैसे ही अनाज से लदी गाड़ी रवाना होने लगी, स्थानीय ग्रामीणों को शक हो गया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए गाड़ी को बीच रास्ते में ही रोक लिया। जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो उसमें केंद्र का अनाज पाया गया। पकड़े जाने के बाद मौके पर भारी हंगामा शुरू हो गया, जिसकी सूचना तुरंत सदर थाना पुलिस को दी गई।
जांच और विभागीय कार्रवाई
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। साथ ही, आंगनबाड़ी विभाग के आला अधिकारियों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि बच्चों के पोषण के लिए आने वाला राशन आखिर किसकी मिलीभगत से बेचा जा रहा था? क्या यह सिर्फ एक लापरवाही है या इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है? फिलहाल, पुलिस और विभाग दोषियों पर नकेल कसने की तैयारी में हैं।
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