कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर से राज्यसभा की सीटों को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यसभा चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है। बिहार कोटे के पांच प्रमुख सांसदों का कार्यकाल 09 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद सदन में इन खाली होने वाली सीटों पर नए चेहरों या पुराने दिग्गजों की वापसी को लेकर मंथन जारी है।

इन दिग्गजों का कार्यकाल हो रहा है पूरा
बिहार से उच्च सदन का प्रतिनिधित्व कर रहे जिन पांच सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के कद्दावर नेता शामिल हैं:
अमरेंद्र धारी सिंह (RJD): राजद के कोटे से आने वाले अमरेंद्र धारी सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है।
प्रेम चंद्र गुप्ता (RJD): राजद सुप्रीमो के भरोसेमंद और अनुभवी नेता प्रेम चंद्र गुप्ता भी रिटायर होने वाले सांसदों की सूची में हैं।
रामनाथ ठाकुर (JDU): जननायक कर्पूरी ठाकुर के पुत्र और वर्तमान केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का राज्यसभा सफर भी इस कार्यकाल के साथ संपन्न होगा।
उपेंद्र कुशवाहा (RJP-S): राष्ट्रीय लोक मोर्चा (सेकुलर) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल भी 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है।
हरिवंश नारायण सिंह (JDU): राज्यसभा के उपसभापति के रूप में गरिमामय भूमिका निभाने वाले हरिवंश जी का कार्यकाल भी इसी तिथि को समाप्त होगा।
अधिसूचना जारी: अब नए समीकरणों की बारी
निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया और मतदान की तारीखों का खाका स्पष्ट हो गया है। बिहार विधानसभा के मौजूदा संख्या बल को देखते हुए इस बार का मुकाबला बेहद रोचक होने वाला है। जहां जदयू और भाजपा अपने गठबंधन को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे, वहीं राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन अपनी सीटें बचाने और सेंधमारी करने की रणनीति बना रहा है। इन पांच सीटों के परिणाम आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी एक मनोवैज्ञानिक बढ़त तय करेंगे।
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