“पड़े-पड़े मरी तो बेचारी कहलाऊंगी, नाचते हुए मरी तो मिसाल बन जाऊंगी…” एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) की आवाज में गूंजता यह संवाद सुनते ही दर्शकों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. हॉरर-कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘स्त्री’ (Stree) से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) अब एक बार फिर बिल्कुल अलग अंदाज में दर्शकों के सामने आने वाली हैं. मैडॉक फिल्म्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘ईठा’ (Eetha) का टीजर रिलीज हो चुका है और इसकी पहली झलक ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है.

“विठाबाई नारायणगांवकर” के किरदार में श्रद्धा

फिल्म में श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) महाराष्ट्र की मशहूर लावणी और तमाशा कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर का किरदार निभा रही हैं. टीज़र में उनका रूप, अभिनय और भावनात्मक प्रस्तुति देखकर फैंस हैरान रह गए हैं. यह फिल्म केवल एक कलाकार की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मसम्मान और कला के प्रति समर्पण की ऐसी दास्तान है, जो दर्शकों को भावुक करने का दम रखती है.

करीब 2 मिनट 3 सेकंड लंबे इस टीजर में श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) का जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन देखने को मिलता है. लावणी की रंगीन दुनिया के पीछे छिपे दर्द, अपमान और संघर्ष को बेहद प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है. मंच पर नृत्य करती विठाबाई के रूप में श्रद्धा की ऊर्जा और उनके चेहरे के भाव दर्शकों को सीधे उस दौर में ले जाते हैं, जहां एक कलाकार अपनी पहचान के लिए हर मुश्किल से लड़ता है.

कौन थीं विठाबाई नारायणगांवकर

विठाबाई नारायणगांवकर भारतीय लोककला जगत का एक बड़ा नाम थीं. उन्होंने अपनी कला और अद्भुत मंचीय प्रस्तुतियों के दम पर लाखों लोगों का दिल जीता था. उनकी प्रतिभा और योगदान को देखते हुए वर्ष 1990 में उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया गया था. हालांकि उनकी सफलता के पीछे संघर्षों से भरी लंबी कहानी थी, जिसे अब फिल्म ‘ईठा’ (Eetha) के माध्यम से बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा.

मराठी किरदार के लिए परफेक्ट चॉइस श्रद्धा

श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) को इस भूमिका के लिए परफेक्ट चॉइस माना जा रहा है. इसकी एक वजह उनका मराठी सांस्कृतिक परिवेश भी है. उनकी मां शिवांगी कोल्हापुरे मराठी परिवार से संबंध रखती हैं, जिसके चलते श्रद्धा को भाषा और संस्कृति की गहरी समझ है. इसके अलावा उनका संबंध भारत के प्रतिष्ठित मंगेशकर परिवार से भी है. लता मंगेशकर और आशा भोंसले उनके नाना की कजिन बहनें थीं, इसलिए कला और संगीत उनके पारिवारिक माहौल का अहम हिस्सा रहे हैं.

फिल्म के टीजर में दिखाई गई सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड म्यूजिक और विजुअल्स महाराष्ट्र की लोक संस्कृति को जीवंत कर देते हैं. हर फ्रेम में उस दौर की झलक दिखाई देती है, जब लावणी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि कलाकारों की पहचान और सम्मान का प्रतीक हुआ करती थी. मेकर्स ने साफ कर दिया है कि फिल्म ‘ईठा’ (Eetha) सिर्फ एक बायोपिक नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी है जो कला और संघर्ष के रिश्ते को दर्शाती है.

ये रहेंगे मुख्य कलाकार

लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) के अलावा मोहम्मद जीशान अयूब और रणदीप हुड्डा भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे. टीजर को मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है. अब सभी की निगाहें 28 अगस्त पर टिकी हैं, जब फिल्म ‘ईठा’ (Eetha) सिनेमाघरों में दस्तक देगी और विठाबाई नारायणगांवकर की प्रेरणादायक कहानी बड़े पर्दे पर जीवंत होगी.