कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में औद्योगिकीकरण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मची खींचतान के बीच उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने सरकार का रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने न केवल बंद हो रहे उद्योगों की खबरों का खंडन किया, बल्कि भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना भी पेश की। सदन में विपक्ष द्वारा पुराने उद्योगों के बंद होने के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार में किसी भी चालू उद्योग को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार नए निवेश लाने के साथ-साथ वर्तमान इकाइयों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
चनपटिया स्टार्टअप जोन
पश्चिम चंपारण के चर्चित चनपटिया स्टार्टअप जोन को लेकर मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस जोन के लिए सरकार एक नई व्यवस्था तैयार कर रही है। यदि किसी उद्यमी को परिचालन में कोई समस्या आ रही है, तो सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान करेगी ताकि स्टार्टअप्स को नई ऊर्जा मिल सके।
इथेनॉल इकाइयों पर स्थिति स्पष्ट
इथेनॉल कंपनियों के बंद होने की खबरों को भ्रामक बताते हुए जायसवाल ने कहा कि दिसंबर में तकनीकी या अन्य कारणों से कुछ दिनों (4-5 दिन) के लिए काम रुका था, जिसे बंदी कहना गलत है। अब उत्पादन पुनः शुरू हो चुका है।
पेट्रोलियम मंत्रालय से समन्वय
इथेनॉल की बिक्री में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए उद्योग मंत्री ने स्वयं केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिक्री से संबंधित जो भी तकनीकी या नीतिगत समस्याएं हैं, उन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा ताकि बिहार के इथेनॉल हब बनने का सपना प्रभावित न हो।
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