भोजपुर। जिले के बड़हरा प्रखंड स्थित बिंदगांवा संगम को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की कवायद तेज हो गई है। हाल ही में बिहार विधानसभा सत्र के दौरान बड़हरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने पर्यटन विभाग से आग्रह किया कि गंगा, सोन और सरयू नदियों के इस दुर्लभ संगम को आधिकारिक रूप से पर्यटन स्थल घोषित किया जाए।

​भगवान राम के स्नान की मान्यता

​विधायक ने सदन को अवगत कराया कि यह स्थल केवल भौगोलिक संगम नहीं है, बल्कि गहरी आस्था का केंद्र भी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने स्वयं इस पावन संगम में स्नान किया था। इसी श्रद्धा के कारण कार्तिक पूर्णिमा, माघ स्नान और मकर संक्रांति जैसे विशेष अवसरों पर यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।

​सुविधाओं का अभाव और विकास की जरूरत

​लाखों की भीड़ जुटने के बावजूद, वर्तमान में यहां बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। विधायक ने सरकार से स्पष्ट सवाल किया कि क्या प्रशासन यहां सड़क, प्रकाश, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा जैसी आधारभूत संरचनाएं विकसित करने की योजना बना रहा है? उन्होंने जोर देकर कहा कि उचित विकास से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

​सरकार का रुख

​विधायक के सवाल पर जवाब देते हुए बिहार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने बताया कि भोजपुर के जिला पदाधिकारी (DM) से इस संगम स्थल के विकास के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट (DPR) मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही विभाग आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। ​इस पहल के बाद स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं में एक नई उम्मीद जगी है कि जल्द ही बिंदगांवा संगम को वह सम्मान और सुविधाएं मिलेंगी, जिसका वह हकदार है।