Bilaspur News Update : बिलासपुर। बिलासपुर रेल मंडल में एक बार फिर सिग्नल ओवरशूट के कारण मालगाड़ी के 9 वैगन पटरी से उतर गए। इस मामले में संबंधित विभाग की टीम ने जांच शुरु कर दी है। पूछताछ में चालक का कहना है कि जिस समय यह घटना हुई उस समय ट्रेन की स्पीड केवल 40 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इसके अलावा उसे आगे की स्थिति की कोई भी जानकारी नहीं है।

बिलासपुर रेल मंडल में ट्रेन के डिरेलमेंट और एक ट्रेन से दूसरी ट्रेन के बीच आपसी टक्कर की घटनाएं कम नहीं हो रही है। आटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली के बावजूद रेल प्रशासन भी घटना पर किसी तरह का कोई काबू नहीं कर पा रही है। बिलासपुर रेल मंडल के सिस्टम को सीआरएस ने भी खराब बताया है, जिसके बाद भी कोई सुधार कार्य नहीं हो रहा है। जानकारी के अनुसार 26 फरवरी को चालक प्रमोद कुमार और सहायक चालक महाकेश मीणा बिजूरी से खाली एन बाक्स मालगाड़ी लेकर रवाना हुए थे। सोनपुर स्टेशन पार करने के बाद अचानक बीपी प्रेशर ड्राप हुआ और गाड़ी देर रात 2 बजकर 52 मिनट पर अचानक खड़ी हो गई।
अचानक मालगाड़ी के खड़े होने पर चालक ने सहायक चालक को चेक करने के लिए भेजा। सहायक चालक ने देखा कि इंजन से 13वां, 14वां, 15वां, 16वां, 17वां, 18वां, 19वां वैगन एवं ब्रेकवैन से दूसरा और तीसरा वैगन पटरी से उतर गया है।
जांच में चालक से पूछताछ की गई, जिन्होंने मालगाड़ी और इंजन में किसी तरह की कोई समस्या नहीं होने, अचानक बीपी प्रेशर ड्राप होकर गाड़ी खड़ी होने और पटरी से उतरने के अलावा गाड़ी की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति रफ्तार की होने की जानकारी दी। इसके अलावा अन्य प्रश्नों के संबंध में उनकी ओर से कोई उत्तर नहीं दिया गया। फिलहाल इस मामले में विभागीय टीम के अफसर अपनी जांच करने के बाद आगे की रिपोर्ट देंगे, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी
राज्यपाल डेका 4-5 मार्च को बिलासपुर एवं मुंगेली प्रवास पर रहेंगे
बिलासपुर। राज्यपाल रमेन डेका 4 एवं 5 मार्च 2026 को बिलासपुर एवं मुंगेली जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल 4 मार्च को सायं 4.30 बजे लोक भवन, रायपुर से प्रस्थान कर मुंगेली जिले के चंदखुरी स्थित विश्राम गृह पहुंचेंगे। इसके पश्चात सायं 6 बजे बिलासपुर के शिवतराई रिसोर्ट (बैगा रिसोर्ट) के लिए प्रस्थान करेंगे। रात्रि विश्राम शिवतराई रिसोर्ट, बिलासपुर में होगा। 5 मार्च को प्रातः 10.30 बजे राज्यपाल शिवतराई रिसोर्ट से शिवतराई गांव के लिए रवाना होंगे, जहां वे बैगा जनजाति के लोगों से मुलाकात कर उनके जनजीवन, आजीविका एवं शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेंगे। इसके बाद वे 11 बजे अचानकमार टाइगर रिजर्व के लिए प्रस्थान करेंगे तथा वहां सफारी कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 12:35 बजे वापस शिवतराई रिसोर्ट पहुंचेंगे। सायं 4 बजे राज्यपाल श्री डेका रतनपुर स्थित प्रसिद्ध महमाया देवी मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे और दर्शन-पूजन करेंगे। इसके पश्चात वे मुंगेली जिले के चंदखुरी विश्राम गृह पहुंचेंगे तथा वहां से शाम 7 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
मुंगेली में आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन
मुंगेली। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में अवैध मदिरा के विरुद्ध आबकारी विभाग का सघन छापामार अभियान लगातार जारी है। होली पर्व को देखते हुए संभावित अवैध मदिरा संग्रहण पर रोक लगाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा पिछले एक सप्ताह से लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान गैरजमानती प्रकरण कायम कर अवैध कारोबारियों पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। इसी कड़ी में आज आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए दो गंभीर प्रकरण दर्ज किए। पहले प्रकरण में विकासखंड पथरिया के ग्राम चंदली में निर्मल बंजारे से 16 पाव ड्यूटी पैड मदिरा जप्त की गई। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(ख) के तहत प्रकरण कायम कर गिरफ्तार किया गया। दूसरे प्रकरण में ग्राम खैरझिटी निवासी विरेन्द्र बंजारे के पास से 9.500 लीटर हाथ भट्ठी आसवित महुआ मदिरा जप्त की गई। आरोपी के विरुद्ध अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) एवं 59(क) के तहत गैरजमानती प्रकरण दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
गौरतलब है कि 04 मार्च को होली पर्व के अवसर पर शुष्क दिवस घोषित है। ऐसे में अवैध मदिरा के भंडारण एवं विक्रय की आशंका को देखते हुए विभाग द्वारा सतत निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी श्री रविशंकर साय ने बताया कि अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा होली के दिन भी टीम क्षेत्र भ्रमण कर निगरानी करेगी। अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध होटल एवं ढाबों की औचक जांच भी की जा रही है। यह संयुक्त कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री रवीन्द्र पाण्डेय के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। टीम में वृत्त पथरिया की आबकारी उपनिरीक्षक श्रीमती उम्मी रूमा, वृत्त लोरमी के उपनिरीक्षक अमित शाह, वृत्त मुंगेली के उपनिरीक्षक जयसिंह सहित मुख्य आबकारी आरक्षक एवं आरक्षकगण शामिल रहे।
जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी आमजन की समस्याएं
बिलासपुर। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आम नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन में राजस्व, प्रमाण पत्र, सीमांकन सहित विभिन्न विषयों से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए गए।बिल्हा विकासखंड के ग्राम बिटकुली निवासी महादेव नेताम ने आवेदन देकर बताया कि उनके बच्चों का स्थायी जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास स्वयं की भूमि नहीं है, जबकि उनके चाचा के पुत्रों का स्थायी जाति प्रमाण पत्र बन चुका है। उन्होंने उसी आधार पर उनके बच्चों का भी प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध किया।
कलेक्टर ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आवेदन एसडीएम बिल्हा को प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार लोफंदी निवासी तिजराम पटेल ने तहसीलदार बिलासपुर द्वारा सीमांकन रिपोर्ट जारी नहीं किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किए छह माह से अधिक समय बीत चुका है, इसके बावजूद सीमांकन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को आवेदन भेजते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में इस प्रकार विभिन्न विषयों से संबंधित अनेक आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें संबंधित विभागों को प्रेषित कर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
एयू में प्री-पीएचडी के बढ़ाई गई 7 मार्च तक आनलाइन आवेदन की तिथि
बिलासपुर। अटल यूनिवर्सिटी में प्री-पीएचडी के लिए दूसरी बार आवेदन की तिथि बढ़ाई गई है। अब स्टूडेंट्स 7 मार्च तक आनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। वैसे अभी तक यूनिवर्सिटी को 20 विभिन्न विषयों मैं प्री-पीएचडी के लिए 2 हजार 253 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अटल यूनिवर्सिटी ने तीसरे बेच की पीएचडी में प्रवेश के लिए प्री-पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2026 आयोजित करने वाली है। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने 30 जनवरी से प्री-पीएचडी फार्म भी आनलाइन भराना शुरू किया था। प्री-पीएचडी के लिए पहले 16 फरवरी आवेदन की अंतिम तिथि रखी गई थी, जिसे बढ़ाकर 28 फरवरी तक की गई थी। अब यूनिवर्सिटी ने प्री-पीएचडी प्रवेश परीक्षा के आवेदन की तिथि तीसरी बार बढ़ा दी है और आनलाइन माध्यम से 7 मार्च तक आवेदन लिए जाएंगे। अभी तक यूनिवर्सिटी को आनलाइन माध्यम से 2 हजार 253 आवेदन प्री पीएचडी के लिए मिल चुके हैं। यूनिवर्सिटी द्वारा पीएचडी के 493 सीटों के लिए प्री-पीएचडी एग्जाम आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए 16 फरवरी तक फार्म भरने की अंतिम तिथि रखी गई है। कुल 20 विषयों में पीएचडी की सीटें हैं जिनमें कंप्यूटर साइंस, सुक्ष्म जीव विज्ञान, रसायन शाख, अंग्रेजी, भूगोल, हिन्दी, गणित, वनस्पति शाख, एल भौतिकी, जन्तु विज्ञान, वाणिज्य, राजनीति शाख, समाज शाख, इतिहास, अर्थशाख, शिक्षा, विधि, पुस्तकालय विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, मनोविज्ञान विषय इन शामिल हैं। 493 सीटों में से 207 डीईटी मतलब प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा तथा डीईटी एक्जंप्ड श्रेणी की सीटों पर प्रवेश परीक्षा से छूट रहेगी।
वर्ष 2023 में हुआ था प्री-पीएचडी एग्जाम
अटल यूनिवर्सिटी में पीएचडी के दूसरे बैच के लिए वर्ष 2023 में प्रो-पीएचडी एग्जाम आयोजित किया गया था। उस समय 19 विषयों के लिए आवेदन आनलाइन मंगाए गए थे। अटल यूनिवर्सिटी में दोबारा पीएचडी शुरू होने से पीएचडी करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को राहत महसूस की थी क्योंकि बीच में कुछ सालो तक यूनिवर्सिटी में पीएचडी में प्रवेश नहीं दिया गया।
2015 वाला पहला बैच फंसा था विवादों में
अटल यूनिवर्सिटी में वर्ष 2015 में पीएचडी की प्रक्रिया शुरू और प्री-पीएचडी के लिए आवेदन जमा कराए गए 4 प्री-पीएचडी परीक्षा में लगभग 1 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से लगभग ढाई सौ स्टूडेंट प्री-पीएचडी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए थे। प्री-पीएचडी के परिणाम घोषित होने के बाद यूनिवर्सिटी ने पीएचडी में प्रवेश भी दे दिया था और कोर्सवर्क चालू होना था, तमी पोरचडी पहले बैच का प्रवेश मामला विवादों में पड़ गया था। यूनिवर्सिटी के पीएचडी 2015 में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर शिकायत हुई थी, जिसमें पीएचडी प्रवेश में आरक्षण नियमों का उल्लंघन करने की बात कही गई थी। यह शिकायत एसटी-एससी आयोग से भी की गई थी, जिसके बाद आयोग ने पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इसके बाद ये मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया और हाईकोर्ट एवं आयोग से मामला निपटने के बाद ही पीएचडी शुरू हो पाया था।
आरओबी निर्माण व ट्रेनों के ठहराव को लेकर 6 को नगर बंद
जांजगीर। जांजगीर-नैला रेलवे स्टेशन के पश्चिम केबिन पर प्रस्तावित रेल ओव्हरब्रिज निर्माण, स्टेशन में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांगों को लेकर 5 मार्च को रात 10 बजे से परशुराम चौक नैला में चक्का जाम किया जाएगा। वहीं 6 मार्च को नगर बंद की घोषणा की गई है।
इस संबंध में कलेक्टर जिला जांजगीर-चांपा को पत्र सौंपकर प्रशासन को औपचारिक सूचना दी गई है। इस आंदोलन को स्थानी स्थानीय व्यापारिक संगठनों जैसे छ.ग. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, गल्ला किराना व्यापारी संघ, जिला चावल उद्योग संघ, कपड़ा व्यापारी संघ ने भी अपना समर्थन दिया है। जांजगीर चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पूर्व में इन मांगों को लेकर जन आंदोलन किया गया था। तब रेल प्रशासन और जिला प्रशासन के साथ हुई वार्ता में सहमती बनी थी कि छः माह के भीतर रेल ओव्हरब्रिज निर्माण प्रारंभ किया जाएगा तथा जांजगीर-नैला स्टेशन पर गोंडवाना एक्सप्रेस, साउथ बिहार एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा मिशन अस्पताल समपार के पास अंडरब्रिज निर्माण और जांजगीर-नैला रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का भी आश्वासन दिया गया था। अब तक किसी भी वादे पर ठोस प्रगति नहीं हुई है। जिससे स्थानीय नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है। पत्र में कहा गया है कि सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की सूचना की प्रतिलिपि मंडल रेल प्रबंधक बिलासपुर, ए.डी.ई.एन. द.पू.म.रेलवे चांपा, स्टेशन प्रबंधक जांजगीर-नैला, तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जांजगीर को भी प्रेषित की गई है।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

