कुंदन कुमार/पटना/बेगूसराय। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार और बिहार की राजनीति को लेकर बड़े बयान दिए हैं। उन्होंने बंगाल सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए राज्य में परिवर्तन का दावा किया, वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश का पुरजोर समर्थन किया।
ममता सरकार पर तीखा प्रहार
गिरिराज सिंह ने कहा कि बंगाल की टीएमसी सरकार इस वक्त पूरी तरह घबराई हुई है क्योंकि जनता में भारी आक्रोश है। उन्होंने शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 26,000 प्रभावित शिक्षकों समेत लाखों युवा सरकार के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग नहीं दिया है।
उन्होंने बंगाल की जनता से वादा करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार आते ही:
शिक्षकों की निष्पक्ष बहाली की जाएगी।
कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा।
महिलाओं को प्रति माह 3000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जाएगा।
सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी का एकमात्र लक्ष्य रोहिंग्या मुसलमानों को संरक्षण देना है, जिसे जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी।
निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश का समर्थन
बिहार की राजनीति पर चर्चा करते हुए गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने दो दशकों तक बिहार के विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है और वे आज भी सही समय पर सटीक निर्णय लेने में सक्षम हैं।
निशांत कुमार के राजनीति में आने की चर्चाओं पर सिंह ने कहा, यही सही समय है। उन्होंने तर्क दिया कि नीतीश कुमार का पूरा वोट बैंक अब निशांत कुमार की मांग कर रहा है। उन्हें अब सक्रिय और सत्ता की राजनीति का हिस्सा बनना चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कौन होगा और मंत्रिमंडल का स्वरूप क्या होगा, इसका अंतिम निर्णय स्वयं नीतीश कुमार ही लेंगे।
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