गया। होली का उल्लास थमते ही बिहार से दूसरे राज्यों की ओर पलायन का सिलसिला शुरू हो गया है। गया जंक्शन पर इन दिनों दिल्ली, पंजाब और हरियाणा लौटने वाले कामगारों और यात्रियों का रेला उमड़ पड़ा है। स्टेशन परिसर से लेकर प्लेटफॉर्म तक तिल रखने की जगह नहीं है, और जनरल बोगियों में पैर रखने तक के लिए यात्रियों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
जनरल बोगियों में अफरा-तफरी का माहौल
लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटों के लिए मारामारी मची है। यात्री जान जोखिम में डालकर जनरल डिब्बों में सवार होने की कोशिश कर रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेल पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ रहा है। जहां एक ओर पुलिस यात्रियों की मदद कर रही है, वहीं भगदड़ जैसी स्थिति पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती भी बरती जा रही है।
नीतीश कुमार संभालें रेल मंत्रालय
सफर की दुश्वारियों के बीच यात्रियों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बड़ी उम्मीदें जताई हैं। दिल्ली जा रहे यात्री जयंत कुमार और नीलेश कुमार का कहना है कि यदि नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होते हैं, तो उन्हें रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। यात्रियों के अनुसार, नीतीश कुमार पहले भी सफल रेल मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने बिहार को कई ट्रेनों की सौगात दी थी।
बोगियों की कमी से बढ़ी परेशानी
यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले ट्रेनों में जनरल बोगियों की संख्या करीब 6 होती थी, जो अब घटकर मात्र 2 रह गई है। इससे गरीब और मजदूर वर्ग के लिए सफर करना नरक समान हो गया है। लोगों का मानना है कि यदि नीतीश कुमार फिर से रेल मंत्री बनते हैं, तो वे जनरल बोगियों की संख्या बढ़ाएंगे और रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, जिससे भविष्य में त्योहारों के दौरान ऐसी बदहाली नहीं देखनी पड़ेगी।
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