भागलपुर। अपनी मांगों की अनदेखी से नाराज जिले के राजस्व कर्मियों ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस धरने में जिले के विभिन्न अंचलों से आए कर्मचारियों ने अपनी आवाज बुलंद की और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
समझौतों के उल्लंघन का आरोप
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के साथ साल 2025 में कर्मचारी संघ का लिखित समझौता हुआ था, लेकिन उसे धरातल पर अब तक लागू नहीं किया गया है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार मिलने वाले आश्वासनों के बावजूद विभाग उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
प्रमुख मांगें और ग्रेड-पे का मुद्दा
संघ ने मुख्य रूप से चार सूत्री मांगों को सामने रखा है:
ग्रेड-पे: वर्तमान 1900 के स्थान पर 2800 रुपये का ग्रेड-पे दिया जाए।
गृह जिला स्थानांतरण: सभी नवनियुक्त राजस्व कर्मियों को उनके गृह जिले में पदस्थापित किया जाए।
प्रोन्नति: लंबे समय से लंबित प्रमोशन और ACP/MACP का लाभ तुरंत मिले।
कार्यभार: एक कर्मचारी को कई पंचायतों का प्रभार देने की व्यवस्था बंद हो, क्योंकि इससे मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव
कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर बदहाली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि कई अंचलों में बैठने के लिए न तो समुचित भवन है और न ही कुर्सी-मेज जैसी सुविधाएं। इंटरनेट और कागजों की कमी के कारण सरकारी काम प्रभावित हो रहा है। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन भविष्य में और भी उग्र रूप धारण करेगा।
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