दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में फायरिंग की जो घटना पहले गैंगस्टरों की धमकी लग रही थी, अब वो दरअसल एक सोची-समझी साजिश निकली है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि एक रेस्टोरेंट मालिक ने ही अपने ऊपर फायरिंग करवाकर खुद को गैंगस्टरों का निशाना दिखाने की कोशिश की थी. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं.
दिल्ली के पश्चिम विहार रेस्टोरेंट पर हुई फायरिंग के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है. मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि यह कोई जानलेवा हमला नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट मालिक की ही सोची-समझी साजिश थी.
15 मार्च 2026 को पुलिस के मुताबिक, पश्चिम विहार ईस्ट थाने में PCR कॉल आई थी कि BG-6, पश्चिम विहार इलाके में फायरिंग हुई है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. जांच के दौरान नाइट आउल नाम के रेस्टोरेंट के लोहे गेट पर गोली लगने के दो निशान मिले. मौके से दो खाली कारतूस और गोली के टुकड़े भी बरामद किए गए. हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं थी.
पुलिस ने जांच के दौरान आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज से संदिग्ध लोगों की तस्वीरें निकाली गई और इलाके में उनकी पहचान करवाने की कोशिश की गई. पुलिस को सूचना मिली कि एक आरोपी निहाल विहार के पास देखा गया है. 17-18 मार्च की रात पुलिस ने छापेमारी कर सन्नी उर्फ बोंग को हिरासत में लिया.
पूछताछ में उसने बताया कि उसने ये फायरिंग तपन दास उर्फ विश्वास के कहने पर की थी. पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए तपन दास को भी सोनिया कैंप झुग्गी इलाके से गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया कि वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड है. पुलिस के मुताबिक, तपन दास ने करीब 13 लाख रुपये का कर्ज लिया हुआ था और उसे चुकाने से बचना चाहता था. इसी वजह से उसने अपने ही रेस्टोरेंट पर फायरिंग करवाने की योजना बनाई.
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी पश्चिम विहार ईस्ट थाने के सक्रिय बदमाश बताए जा रहे है. फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, घटनास्थल से दो खाली कारतूस, घटना के वक्त पहने कपड़े और फायरिंग में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की है.
पुलिस जांच में पता चला कि तपन दास का मकसद खुद को विदेश में बैठे गैंगस्टरों का टारगेट दिखाकर सहानुभूति हासिल करना था. इलाके में दबदबा बनाकर गैंगस्टर बनना था, ताकि फाइनेंसरों पर दबाव बनाकर पैसे देने से बच जाए. तीसरे आरोपी कमलेश का नाम सामने आया. उसे भी पुलिस ने 17-18 मार्च की रात उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में उसने बताया कि उसी ने साजिश के तहत फायरिंग की थी.
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