बिलासपुर। न्यायधानी में चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चकरभाठा थाना प्रभारी ने सिख समाज की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाते हुए गुरुनानक ढाबा संचालक से मारपीट की। ढाबा संचालक को बिना किसी अपराध के गाली-गलौज करते हुए रीडर कक्ष के भीतर ले गए और उनकी दाढ़ी खींचकर उनके साथ मारपीट की। फिर झूठा केस बनाकर सुबह न्यायालय में पेश करने की बात कहते हुए देर रात तक थाने में बैठाए रखा। इस मामले को लेकर सिख समाज के पदाधिकारियों ने एसएसपी से शिकायत की है।

गुरुद्वारे के पदाधिकारी व सदस्य मनजीत अरोरा, नितिन छाबड़ा, सोनू गांधी ढाबा संचालक कुशल माखीजा व अन्य एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसएसपी रजनेश सिंह से टीआई उमेश साहू की शिकायत कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह परिहार को जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 4 घंटे थाने में बैठाया

ढाबा संचालक कुशल माखीजा ने बताया कि शाम साढ़े 7 बजे वे शहर में थे। तभी कर्मचारियों ने चकरभाठा पुलिस द्वारा ढाबे में खड़ी बिना नंबर की बाइक थाने ले जाने की सूचना दी। साढ़े 8 बजे वे थाने पहुंचे और टीआई उमेश साहू से बाइक लाने की वजह पूछने पर वह भड़क गए और गाली-गलौज शुरू कर दी। मोबाइल छीनने के बाद सीधे उन्हें रीडर कक्ष के भीतर ले गए। वहां टीआई ने उनकी दाढ़ी खींचकर मारपीट की। स्टाफ से सुबह न्यायालय में पेश करने की बात कहते हुए थाने में बैठाने को कहा। रात साढ़े 11 बजे तक टीआई बिना किसी अपराध के उन्हें थाने में बैठाए रखा।

शिकायत मिली है, जांच की जा रही : सीएसपी

इस मामले में सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि ढाबा संचालक से मारपीट की शिकायत प्राप्त हुई है। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाएगी।