मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत विकास के विजन के अनुरूप प्रदेश के प्रमुख शहरों में तेज, भविष्योन्मुखी और प्रदूषण रहित मेट्रो परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है. इस क्रम में औद्योगिक नगरी कानपुर में मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत विकसित हो रही मेट्रो परियोजना तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है. जिसके तहत कानपुर मेट्रो परियोजना के कॉरिडोर-1 में आईआईटी कानपुर से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो सेवा का सुगम परिचालन हो रहा है, शेष भाग का कार्य इस वर्ष तक पूरा हो जाएगा. जिसमें बारादेवी से नौबस्ता तक पांच एलिवेटेड स्टेशनों में टेस्टिंग और ट्रायल रन चल रहा है. वहीं कॉरिडोर-2 के तहत सीएसए यूनिवर्सिटी से बर्रा मेट्रो स्टेशन तक निर्माण कार्य भी तेज गति से चल रहा है, जिसके मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है.
कानपुर मेट्रो का कॉरिडोर-1, जो आईआईटी से नौबस्ता तक लगभग 23 किलोमीटर लंबा है, इसमें से 15.4 किलोमीटर का सेक्शन परिचालन में है. शेष हिस्से में अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों सेक्शन का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है. इसके तहत झकरकट्टी से ट्रांसपोर्ट नगर तक दो अंडरग्राउंड स्टेशनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, इनमें फिनिशिंग का कार्य भी समाप्ति की ओर है. टीबीएम सुरंग की अप लाइन में ट्रैक बिछाया जा चुका है, जबकि डाउन लाइन में कार्य अंतिम चरण में है. वहीं, बारादेवी से नौबस्ता तक पांच एलिवेटेड स्टेशनों का भी संरचनात्मक कार्य पूरा हो चुका है, फिनिशिंग का कार्य तेज गति से चल रहा है. इस सेक्शन में जनवरी 2026 से ट्रेन टेस्टिंग और ट्रायल रन किया जा रहा है, जिससे जल्द ही इस हिस्से में यात्री सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है.
इसे भी पढ़ें : श्रीराम यंत्र स्थापना समारोह में सीएम योगी : भारतीय नव वर्ष की दी शुभकामनाएं, कहा- दुनिया में युद्ध चल रहे हैं और हम भयमुक्त होकर ‘राम राज्य’ का अहसास कर रहे हैं
सीएसए यूनिवर्सिटी से बर्रा तक कॉरिडोर-2 में हो रहा तेज गति से विकास
कानपुर मेट्रो परियोजना के तहत सीएसए यूनिवर्सिटी से बर्रा तक लगभग 8.6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस कॉरिडोर के तहत रावतपुर से डबल पुलिया तक तीन भूमिगत स्टेशनों का निर्माण कार्य जारी है, टीबीएम सुरंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है. इसके अलावा सीएसए यूनिवर्सिटी विजय नगर से बर्रा तक पांच एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है. ये सभी निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. कानपुर मेट्रो परियोजना के पूरा होने से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. इससे न केवल ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या में कमी आएगी, बल्कि शहर के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी. कानपुर मेट्रो परियोजना, शहर को आधुनिक, सुगम और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें

