अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया. इस अवसर पर कुल 118 मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में मिनारा मस्जिद सहित 88 मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई. वहीं, अलीनगर-अलीपुर थाना क्षेत्र में 30 मस्जिदों में नमाज के आयोजन की व्यवस्था की गई थी. त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था. प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.

सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम अनुपम मिश्रा, सीओ अरुण कुमार सिंह, अलीनगर थाना प्रभारी अनिल कुमार पांडेय और मुगलसराय थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय रूप से ड्यूटी पर तैनात रहे. नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के स्वयंसेवकों ने भी इस कार्य में सहयोग किया. इनमें बलजीत शर्मा, कुंदन शर्मा, सतीश कुमार, राकेश तिवारी, क्रांति कुमार शर्मा, शारदानंद मिश्रा, बलराम केशरी, कन्हैया केशरी, पवन शर्मा, नीरज कुमार, अशोक कुमार रावत, प्रभात कुमार, मनीष कुमार और चंद्रशेखर सिंह शामिल थे.

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सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज के लिए भारी भीड़ उमड़ी. नमाज के दौरान देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआएं मांगी गईं. नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी, जिससे भाईचारे का खूबसूरत नजारा देखने को मिला. बच्चों में भी खास उत्साह दिखा, जिन्होंने नए कपड़ों और खिलौनों के साथ खुशियां मनाईं. बाजारों में भी रौनक रही, जहां मिठाइयों और सेवइयों की दुकानों पर भीड़ उमड़ी.

अलीनगर, मुगलसराय स्थित जामे मस्जिद के इमाम मोहम्मद शमशाद आलम ने बताया कि ईद-उल-फितर रमजान के रोजे रखने के बाद अल्लाह का शुक्रिया अदा करने और खुशी मनाने का त्योहार है. उन्होंने इसे एकता और प्रेम का पर्व बताया. जामा मस्जिद के सदर इस्तेखार आलम ने लोगों से भाईचारे का संदेश दिया. उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से मिल-जुलकर रहने की अपील की. उन्होंने शांति और सौहार्द बनाए रखने, अफवाहों से बचने और एक-दूसरे से गले मिलकर ईद मनाने का आग्रह किया. सदर आलम ने कहा कि सभी त्योहारों को मिलकर मनाने से देश को मजबूती मिलेगी और आपसी विकास होगा.