लखनऊ. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भाजपा पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा, हमने पिछले दिनों भाजपा का नाटक देखा. पूज्य शंकराचार्य जी लखनऊ आए, तमाम भाजपाइयों ने कहा था हम उनके सामने लेट जाएंगे. साष्टांग होकर सम्मान करेंगे. शंकराचार्य जी आए तो वे कहां गायब हो गए, अदृष्य हो गए. वटुकों के पैर छूकर दक्षिणा दी जाती है पर यहां तो उनकी चुटिया पकड़ कर खींचा गया, उन्हें अपमानित किया गया. 2027 में बड़ी शपथ होने जा रही है. भाजपा का अब कुछ चलने वाला नहीं है. पीडीए का साथ लेकर समाजवादी भाजपा को हराने जा रहे हैं. चाहे भाजपाई विस्तार करें या सिकुड़ जाए कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है.
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आगे अखिलेश यादव ने कहा कि लोगों का मन था कि बाटी चोखा खाएं, लेकिन दूसरी दावत नहीं हो पाई. भाजपा के लिए बेईमान शब्द छोटा दिखता है. जो गंगा मइया के साथ बेईमानी कर सकता है, वह किसी के साथ भी ऐसा कर सकता है. मां गंगा को निर्मल करने के नाम पर अरबों-खरबों रुपये किसकी जेब में चले गए? जिसको गंगा मइया ने बुलाया था, वह केन्द्र में है. लेकिन गंगा मइया साफ नहीं हुई. हम जब गंगा मां को याद करेंगे, मणिकर्णिका घाट भी याद आएगा, किसने बुलडोजर चलाया था? याद यह भी आएगा कि देवी, जिन्होंने मणिकर्णिका घाट बनवाया, मंदिरों का संरक्षण किया उनकी मूर्ति के साथ-साथ भगवान शिव की मूर्ति तोड़ दी गई.
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आगे अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में डीजीपी, चीफ सेक्रेटरी, पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी हटा दिए गए. ममता जी ने भाजपा के लिए जो कहा है वह सच्चाई है. ममता जी अकेले लड़ेंगी तो भी वह जीत जाएंगी. वह अकेले लड़कर भी सबका मुकाबला कर रही हैं. वहां अफसरों का ट्रांसफर बड़े पैमाने पर हुआ है. उत्तर प्रदेश में जब भी भाजपा राज में चुनाव हुए एक भी अधिकारी नहीं हटाया गया. भाजपा ने रिश्तेदारों को जिताने के लिए अधिकारियों को चुनाव आयोग से सेट कराया.
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आगे अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि भाजपा षडयंत्रकारी पार्टी है. वह कब और कहां तनाव न पैदा कर दे, किसी को पता नहीं. मथुरा-वृंदावन जैसे तीर्थस्थलों में भी साधुओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ. काशी, जहां से प्रधानमंत्री जी कई बार चुने गए है, वहां एक छात्र ने दूसरे छात्र को गोली मार दी. खुलेआम गोलियां चल रही है. इससे पहले गोरखपुर में भी गोरखधंधा होते देखा गया. पूरे प्रदेश में कोई कानून व्यवस्था नहीं है. समाज में नफरत फैलाना भाजपा का काम है. कब कहां किस तरह से चीजों को नफरत में बदलना है, यह भाजपा से सीखें. हमें उससे सचेत रहना है.
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