ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बार फिर बयान जारी करके कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद नहीं है। हालांकि, उसके उपयोग को लेकर कुछ शर्तें हैं। भारत में ईरानी दूतावास ने मंत्रालय का एक्स पर पत्र साझा कर कहा कि जो भी देश अमेरिका और इजरायल का सहयोग करेंगे या उनके हमले का पक्ष लेंगे, उनको होर्मुज का उपयोग करने नहीं दिया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि जलडमरूमध्य की पूर्ण बहाली के लिए युद्ध का अंत जरूरी है।

ईरान ने क्या कहा?

मंत्रालय ने बयान में कहा, “ईरान ने कई वर्षों से फारसी खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान सागर में संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतररराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों की रक्षा की है, जिसमें जलडमरूमध्य से होकर गुजरना भी शामिल है। यह राष्ट्र संप्रभुता और संप्रभु अधिकारों के सम्मान के बिना संभव नहीं, लेकिन 28 फरवरी से अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर अमेरिका-इजरायल ने सैन्य कार्रवाई से खाड़ी और जलडमरूमध्य पर खतरनाक स्थिति थोपी है, जिससे समुद्री नेविगेशन, शिपिंग की सुरक्षा प्रभावित है।”

ईरान ने अमेरिका और इजरायल को ठहराया अव्यवस्था का जिम्मेदार

मंत्रालय ने कहा, “इस जलमार्ग और इसके आसपास के क्षेत्र में किसी भी व्यवधान, असुरक्षा, या बढ़ते जोखिमों की ज़िम्मेदारी सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल पर है, जिन्होंने इसे खतरे में डाला है।” मंत्रालय ने कहा, “इस जलडमरूमध्य में सुरक्षा की पूर्ण बहाली और स्थायी स्थिरता तभी होगी, जब सैन्य आक्रामकता और धमकियों का अंत होगा, अमेरिका-इजरायली शासन द्वारा अस्थिर करने वाली कार्रवाइयों की समाप्ति होगी और ईरान के वैध हितों के पूर्ण सम्मान का ध्यान रखा जाएगा।”

अमेरिका और उसके सहयोगियों पर लगाई रोक

मंत्रालय ने कहा, “आत्मरक्षा के लिए ईरान ने इस क्षेत्र में अमेरिका के सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाने के अतिरिक्त, यह सुनिश्चित किया कि आक्रामक पक्ष और उनके समर्थक, ईरान के विरुद्ध साजिश के लिए जलडमरूमध्य का दुरुपयोग न कर सकें।” पत्र के अनुसार, “जलडमरूमध्य के तटीय राष्ट्र के रूप में, ईरान ने उन जहाजों पर रोक लगाई है जो आक्रामक पक्षों के स्वामित्व वाले हैं या उनसे संबद्ध हैं, या उनका सहयोग कर रहे हैं।”

जलडमरूमध्य बंद नहीं है- ईरान

मंत्रालय ने कहा, “बार-बार कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद नहीं है और न समुद्री यातायात निलंबित है। जलडमरूमध्य में आवागमन जारी है, बशर्ते शर्तों का पालन हो।” मंत्रालय ने कहा, “अमेरिका, जायोनी शासन और हमले में शामिल अन्य देशों से संबंधित जहाज, उपकरण आदि यहां से नहीं गुजरेंगे । गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज या अन्य देशों से संबंधित जहाज ईरानी अधिकारियों के समन्वय से, सुरक्षित मार्ग का लाभ उठा सकते हैं। बशर्ते कि वे युद्ध में भाग न लें।”

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