भागलपुर। जिले में पिछले दिनों हुई तेज आंधी और ओलांवृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। रबी सीजन 2025-26 के तहत खेतों में लहलहाती और कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों को कुदरत के कहर ने बर्बाद कर दिया है। इस बेमौसम आपदा से जिले के हजारों किसानों की साल भर की मेहनत और जमा-पूंजी पर पानी फिर गया है।

​11 प्रखंडों में मक्का और गेहूं की फसलें तबाह

​जिला कृषि कार्यालय की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 11 प्रखंडों में फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। भागलपुर में इस सीजन में कुल 1,20,746.2 हेक्टेयर भूमि पर रबी की बुआई की गई थी। मार्च के तीसरे और चौथे सप्ताह में आए मौसम के बदलाव ने 22,117.22 हेक्टेयर क्षेत्र को प्रभावित किया है। सबसे ज्यादा मार गेहूं और मक्का की फसलों पर पड़ी है, जो कटाई के मुहाने पर खड़ी थीं लेकिन तेज हवाओं के कारण खेतों में ही बिछ गईं।

​सर्वे में 33% से अधिक क्षति की पुष्टि

​प्रशासन द्वारा जिले की 141 पंचायतों में कराए गए प्रारंभिक सर्वे के मुताबिक, 5,395 हेक्टेयर ऐसा क्षेत्र है जहां फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। सरकारी नियमों के अनुसार, 33 प्रतिशत से ज्यादा की क्षति होने पर ही किसान मुआवजे या कृषि इनपुट सब्सिडी के हकदार माने जाते हैं।

​सरकार को भेजी गई रिपोर्ट, राहत की आस

​जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कृषि निदेशक (पटना) को भेज दी गई है। इसकी प्रतियां जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग को भी सूचित करने के लिए भेजी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में प्रारंभिक रिपोर्ट भेजी गई है, लेकिन जल्द ही एक अंतिम सर्वे किया जाएगा। इस अंतिम रिपोर्ट के आधार पर ही पात्र किसानों के बैंक खातों में सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल, दाने-दाने को मोहताज किसान सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।