पटना। पुलिस ने एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और हथियार बरामद किए हैं। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी ने राजधानी में चल रहे सफेद जहर के काले कारोबार की कमर तोड़ दी है।

​दो ठिकानों पर छापेमारी

​पुलिस की पहली कार्रवाई आलमगंज थाना क्षेत्र के रॉयल ग्रीन अपार्टमेंट (फ्लैट नंबर 401) में हुई, जहां से 1.681 किलोग्राम तैयार ब्राउन शुगर मिली। मौके से जितेंद्र पासवान और नीतीश कुमार नामक दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनकी निशानदेही पर रामकृष्ण नगर के त्रिकूट नगर में दूसरे ठिकाने पर छापा मारा गया, जहां से 19.500 किलोग्राम कच्चा माल बरामद हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कच्चे माल से करीब 38 किलो स्मैक तैयार की जा सकती थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये आंकी गई है।

​सैलरी पर रखे थे लड़के

​जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का नेटवर्क बेहद संगठित था। नशीले पदार्थ बनाने का कच्चा माल उत्तर प्रदेश के बनारस से पार्सल, कूरियर और सड़क मार्ग के जरिए पटना लाया जाता था। ड्रग्स की सप्लाई के लिए गिरोह ने 15 से 20 लड़कों को सैलरी पर रखा हुआ था, जो शहर के अलग-अलग हिस्सों में इसकी डिलीवरी करते थे।

​सिपाही भी शामिल

​इस पूरे खेल में बिहार पुलिस के एक सिपाही ऋषिकेश की संलिप्तता ने महकमे को चौंका दिया है। आरोपी सिपाही गया में तैनात था और वर्तमान में भागलपुर तबादले के बाद से फरार है। छापेमारी में उसके नाम का 17 लाख रुपये का चेक बरामद हुआ है। आरोप है कि वह वर्दी की आड़ में उत्तर प्रदेश से बिहार तक खेप पहुंचाने में मदद करता था।

​हथियार और कैश भी जब्त

  • ​तस्करों के पास से न सिर्फ ड्रग्स, बल्कि अपराध की अन्य सामग्री भी मिली है:
  • ​हथियार: एक पिस्तौल, एक कट्टा और दो मैगजीन।
  • ​कैश: 2 लाख 15 हजार रुपये नगद।
  • ​अन्य: 12 मोबाइल, 7 पासबुक, डिजिटल तराजू और बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन।
  • ​मुख्य आरोपी जितेंद्र का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी 9 किलो स्मैक के साथ जेल जा चुका है। फिलहाल पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है।