अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 31वां दिन है। ईरान के मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ा महान एयर (Mahan Air) का एक विमान अमेरिका के एयर स्ट्राइक की चपेट में आ गया. यह विमान मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा था और नई दिल्ली आने वाला था। इसका मकसद भारत से दवाइयों और दूसरी जरूरी राहत सामग्री लेकर जाना था। न्यूज एजेंसी एएनआई ने ईरानी सूत्रों के हवाले से बताया कि मशहद एयरपोर्ट पर अमेरिका के हमले में भारत जा रहे एक ईरानी नागरिक विमान को निशाना बनाया गया.

ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए इस घटना को युद्ध अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून का साफ उल्लंघन बताया.

भारत में ईरान के दूतावास की तरफ से जारी एक बयान में संगठन ने कहा कि विमान में कई देशों से मंगाई गई दवाएं और चिकित्सा उपकरण थे और वह एक मानवीय मिशन पर था. दरअसल ईरान के मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेरिकी हमलों में महान एयरलाइंस (ईरान एयरलाइंस) का एक विमान क्षतिग्रस्त हो गया. हालांकि अमेरिका की ओर से इस हमले की तत्काल कोई पुष्टि नहीं की गई है.

विमान को इस हफ्ते के अंत में मानवीय सहायता सामग्री लेने के लिए दिल्ली जाना था. विमान को 1 अप्रैल को सुबह 4 बजे दिल्ली पहुंचना था. यह विमान मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ा था जब उस पर हमला हुआ, जिससे सहायता अभियान बाधित हो गया.

ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए इस घटना को युद्ध अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया. भारत में ईरान के दूतावास द्वारा जारी एक बयान में संगठन ने कहा कि विमान में कई देशों से मंगाई गई दवाएं और चिकित्सा उपकरण थे और वह एक मानवीय मिशन पर था. उन्होंने कहा कि ऐसे नागरिक विमान को निशाना बनाना अंतर्राष्ट्रीय विमानन नियमों का उल्लंघन है और मानवीय कानून के सिद्धांतों के विपरीत है.

वैश्विक कानूनी ढांचों का हवाला देते हुए, ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने शिकागो कन्वेंशन (1944) और मॉन्ट्रियल कन्वेंशन (1971) का जिक्र किया, जो नागरिक विमानों को खतरे में डालने वाले हमलों को अंतरराष्ट्रीय अपराध के रूप में रखते हैं. इसने जिनेवा कन्वेंशन के प्रोटोकॉल के अनुच्छेद 52 का भी हवाला दिया, जिसके तहत मानवीय सहायता ले जाने वाले विमानों सहित नागरिक वस्तुओं पर हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं.

ईरान की सबसे बड़ी निजी एयरलाइनों में से एक, महान एयरलाइंस कई साल से अमेरिकी प्रतिबंधों के अधीन है. नागरिक उड्डयन संगठन ने अंतरराष्ट्रीय निकायों से घटना की तत्काल जांच करने और दोषियों पर मुकदमा चलाने और नागरिक उड्डयन के लिए इसी तरह के खतरों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का आह्वान किया.

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