American Pilot Rescue Inside Story: अमेरिकी सेना (us Army) ने ईरान (Iran) में F-15E जेट मार गिराए जाने के बाद ईरान में लापता हुए अपने पायलट को ढूंढ निकाला है। यूएस आर्मी ने हॉलीवुड स्टाइल में अपने साथी को ईरान में घुसकर उसका रेस्क्यू किया। स्पेशल फोर्सेज ने पूरी ताकत झोंककर पहाड़ों में छिपे अपने साथी को 36 घंटे में बचा लाया। इस मिशन के दौरान रेस्क्यू टीम का कोई भी सदस्य हताहत नहीं हुआ और घायल ऑफिसर को इलाज के लिए सीधे कुवैत भेज दिया गया है। यह ऑपरेशन अमेरिकी सेना की काबलियत की कहानी बयां कर रही है।
दरअसल, शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका के F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया था। जेट गिरने के बाद दोनों क्रू मेंबर्स ने इजेक्ट कर लिया था। पायलट को जल्दी बचा लिया गया, लेकिन वेपन्स ऑफिसर दुश्मन के इलाके में फंस गया और लगभग एक दिन तक सिर्फ एक पिस्तौल के साथ छिपा रहा। जबकि ईरानी सेना ने उसे ढूंढने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी और स्थानीय लोगों को इनाम का लालच भी दिया था। हालांकि, जिस इलाके में F-15E जेट गिरा वहां सरकार के खिलाफ काफी विरोध है, इसी वजह से ऑफिसर को छिपने में मदद मिली।
शनिवार को स्पेशल कमांडो यूनिट ने दर्जनों लड़ाकू विमानों के साथ ईरान में ऑपरेशन चलाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी फोर्स को उस इलाके तक पहुंचने से रोकने के लिए हमले भी किए। इस दौरान भारी गोलीबारी हुई, लेकिन अंत में अमेरिकी टीम अधिकारी को सुरक्षित निकालने में सफल रही और सभी सैनिक ईरान से बाहर आ गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन करार दिया है।
‘कम्युनिकेशन डिवाइस की मदद…’
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस मिशन में सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशंस ट्रूप्स शामिल थे। साथ में दर्जनों अमेरिकी युद्ध विमान, हेलिकॉप्टर, साइबर, स्पेस और अन्य इंटेलिजेंस क्षमताओं का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान में फंसे अमेरिकी ऑफिसर एक बीकन और सुरक्षित कम्युनिकेशन डिवाइस की मदद से रेस्क्यू टीम के संपर्क में था। जब अमेरिकी कमांडो ऑफिसर के करीब पहुंचे तो वहां जबरदस्त गोलीबारी शुरू हो गई। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ऑफिसर की लोकेशन के पास बढ़ रहे ईरानी काफिलों पर बमबारी की, ताकि उन्हें दूर रखा जा सके। इस मिशन में दर्जनों युद्धक विमानों, हेलीकॉप्टरों और साइबर व इंटेलिजेंस क्षमताओं का इस्तेमाल किया गया। सीआईए ने भी ‘अनकन्वेंशनल असिस्टेड रिकवरी’ के जरिए नागरिकों से संपर्क साधने में अहम भूमिका निभाई।

‘बेस में फंसे अमेरिकी ट्रांसपोर्ट विमान’
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि इस ऑपरेशन के आखिरी पलों में रेस्क्यू टीम को एक तकनीकी दिक्कत का भी सामने करना पड़ा, जब कमांडो और ऑफिसर को ले जाने वाले दो ट्रांसपोर्ट विमान ईरान के एक रिमोट बेस पर फंस गए। कमांडरों ने तुरंत फैसला लेते हुए तीन नए विमान वहां भेजे। पुराने दोनों खराब विमानों को बम से उड़ा दिया गया, ताकि वो ईरान के हाथ न लग सकें। इसके बाद सभी सैन्य कर्मियों और बचाए गए ऑफिसर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अमेरिका ने निकलने से पहले अपने दो विमान जलाए
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से एक बचाए गए अमेरिकी एयरमैन और कमांडो को निकालने वाले दो ट्रांसपोर्ट विमान वहीं फंस गए थे। इसके बाद अमेरिका को तीन नए विमान भेजने पड़े, ताकि एयरमैन और सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, बाद में अमेरिकी सेना ने उन फंसे हुए ट्रांसपोर्ट विमानों को उड़ा दिया, ताकि वे ईरान के हाथ न लगें। ईरान के अंदर से आई तस्वीरों से संकेत मिलता है कि ये विमान एक अस्थायी एयरस्ट्रिप पर फंस गए थे, जिसे अमेरिकी सेना ने देश के एक दूरदराज इलाके में बनाया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इस पूरे रेस्क्यू मिशन में सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशंस सैनिक शामिल थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बचाए गए वेपन्स ऑफिसर को रेस्क्यू के बाद इलाज के लिए कुवैत ले जाया गया।

CIA ने अफवाह फैलाकर ईरान को भटकाया
अमेरिका और ईरान एयरमैन को ढूंढ रहे थे। ईरान की IRGC (रेवोल्यूशनरी गार्ड) भी उसे पकड़ने के लिए वहां पहुंच गई थी।एयरमैन को ढूंढना बहुत मुश्किल था। इसके लिए CIA ने एक चाल चली। उन्होंने ईरान के अंदर गलत जानकारी फैलाई कि अमेरिकी सेना उसे पहले ही ढूंढ चुकी है और उसे निकालने की तैयारी कर रही है। इससे ईरान की खोज की दिशा भटक गई।इसी दौरान CIA ने अपनी खास तकनीक का इस्तेमाल करके एयरमैन की सही लोकेशन पता कर ली। यह लोकेशन पेंटागन, अमेरिकी सेना और व्हाइट हाउस को दी गई। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन का आदेश दिया।
पहली बार दुश्मन ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट
रेस्क्यू मिशन की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जब F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को ईरान की सेना ने मार गिराया। यह इस एक महीने से चल रही जंग में पहला मौका था, जब किसी अमेरिकी फाइटर जेट को दुश्मन की फायरिंग से गिराया गया। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरमैन को अपनी रेस्क्यू टीम तक पहुंचने के लिए बहुत जोखिम भरा कदम उठाना पड़ा। हालांकि, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।
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