अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को बास्टर्ड कहते हुए होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलने पर बड़ा हमला करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज नहीं खोला तो वो उसे नरक बना देंगे। उन्होंने ईरान में पावर प्लांट और पुलों पर हमला करने की भी बात कही। रविवार को ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान में मंगलवार को पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा यानी हमला होगा। ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोले दे, नहीं तो नरक जैसे हालात में पहुंच जाएगा।

अमेरिका ने इससे पहले गुरुवार को ईरान की राजधानी तेहरान को कराज शहर से जोड़ने वाले B1 हाईवे ब्रिज पर हमला किया था। यह पुल इसी साल शुरू हुआ था और इसे मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है। करीब 1050 मीटर लंबे और 136 मीटर ऊंचे इस पुल को बनाने में लगभग 400 मिलियन डॉलर (करीब ₹3,800 करोड़) खर्च हुए थे।

ईरान ने ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम ठुकराया

ईरान ने ट्रम्प के 48 घंटे में होर्मुज खोलने के अल्टीमेटम को ठुकरा दिया है। ईरानी सेना ने कहा है कि अमेरिका बेबस और घबराकर धमकियां दे रहा है। ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज खोलने या समझौता करने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि समय खत्म हो रहा है और ऐसा नहीं होने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाएगा।

ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायलट, 36 घंटे में दुश्मन के बीच से बचाया

अमेरिका के एक F-15 फाइटर जेट को ईरान के ऊपर मार गिराए जाने के 36 घंटे बाद उसके दोनों पायलट को अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने बचा लिया है।शनिवार को स्पेशल कमांडो यूनिट ने दर्जनों लड़ाकू विमानों के साथ ईरान में ऑपरेशन चलाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी फोर्स को उस इलाके तक पहुंचने से रोकने के लिए हमले भी किए। इस दौरान भारी गोलीबारी हुई, लेकिन अंत में अमेरिकी टीम पायलट को सुरक्षित निकालने में सफल रही और सभी सैनिक ईरान से बाहर आ गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन करार दिया है।

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