शब्बीर अहमद, भोपाल। राजधानी भोपाल में साइबर क्राइम की टीम को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन FACE’ के तहत फर्जी सिम कार्ड के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने एक ही व्यक्ति के चेहरे का इस्तेमाल करके सैकड़ों फर्जी सिम कार्ड एक्टिव कर दिए थे। इस मामले में दो प्रमुख आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

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भोपाल साइबर पुलिस ने देवेंद्र यादव और मोहम्मद सैफ कुरैशी नाम के दो पीओएस एजेंटों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने ग्राहकों के दस्तावेजों की फोटोकॉपी लेकर, एक ही कर्मचारी के चेहरे की फोटो का बार-बार इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग नाम और पते डालकर सिम कार्ड जारी किए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि एक ही चेहरे पर 246 से ज्यादा सिम कार्ड एक्टिव किए गए थे। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) के डेटा और AI आधारित फाइनेंशियल रिकग्निशन टूल की मदद से इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। जब एक ही फेस पर 50 से ज्यादा सिम एक्टिव पाए गए, तब जांच शुरू हुई और यह बड़ा रैकेट सामने आया।

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‘ऑपरेशन FACE’ के तहत की गई इस कार्रवाई में AI टूल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आरोपियों ने फर्जी नाम-पते और एक ही फोटो का इस्तेमाल कर सिम एक्टिवेशन का काम किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्जी सिम कार्डों को किन लोगों को बेचा गया और इनका इस्तेमाल किन जालसाजियों, फ्रॉड या अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया गया। भोपाल साइबर पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। 

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