8 अप्रैल, 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा के बाद, कश्मीर और कारगिल के शिया मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में जमकर जश्न मनाया गया. श्रीनगर में लोगों के कई ग्रुप में लोग एक साथ सड़कों पर उतर आए. शिया समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर जमकर डांस किया, लोगों से गले मिले और जमकर आतिशबाजी की. इस दौरान इन लोगों ने इमाम हुसैन के साथ-साथ ईरान का झंडा भी फहराया.
मिडिल ईस्ट में मची तबाही के बीच जैसे ही ये खबर आई की अमेरिका ने युद्ध को लेकर सीजफायर का ऐलान कर दिया. जम्मू-कश्मीर में रहने वाले शिया समुदाय के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई.
सीजफायर का ऐलान होते ही यहां पर शिया समुदाय के लोग खुशी-खुशी इकट्ठा हो गए. खुशी के मारे लोगों ने पहले नारे लगाए और फिर मिठाई भी बांटी. कुछ लोगों ने इस खुशी के मौके पर पटाखे भी दगाए. जम्मू-कश्मीर में शिया समुदाय के लोगों का मानना है कि इस समझौते से लंबे समय से चली आ रही हिंसा थमेगी और आम लोगों की जिंदगी में राहत आएगी.
इस खबर से जम्मू-कश्मीर के लोग भी बेहद उत्साहित और खुश नजर आए. श्रीनगर की गलियों और बाजारों में लोग खुशी जता रहे थे, लोग एक-दूसरे को गले लगा रहे थे, जगह-जगह आतिशबाजी और नारेबाजी का दृश्य बन रहा था.
जम्मू-कश्मीर में शिया मुस्लिम संगठन अंजुमन-ए-शरी के एक प्रतिनिधि ने अमेरिका की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अमेरिका की हार के संकेत हैं. उनका कहना था कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान में हमले रोकने की घोषणा यह दर्शाती है कि अमेरिका अपने उद्देश्यों को हासिल करने में सफल नहीं हो पाया.
जम्मू-कश्मीर के सैदा कदल, असाही बाग और आलमगिरी बाजार में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के बड़े-बड़े समूह इकट्ठा हुए. उन्होंने ईरानी झंडे लहराए और ईरान के साथ एकजुटता दिखाते हुए जोरदार नारे लगाए. लोगों ने मिठाइयां बांटकर और अपने पड़ोसियों के साथ यह खबर साझा करके अपनी खुशी जाहिर की.
श्रीनगर के जदीबल और आस-पास के इलाकों में शिया समुदाय के लोगों ने ईरान की ‘अमेरिका पर जीत’ का जश्न मनाने के लिए मिठाइयां भी बांटीं। श्रीनगर के सैदा कदल इलाके में रहने वाले जावेद अहमद ने इस मौके को ‘सभी मुसलमानों के लिए ईद से कम नहीं’ बताया।
यूएस और ईरान के बीच दो हफ़्तों के द्विपक्षीय संघर्ष विराम (सीजफायर) के बाद, आगा सैयद मुजतबा अब्बास, जो J&K अंजुमन शरी शियान के प्रेसिडेंट के प्रतिनिधि हैं, ने बुधवार को एक स्पष्ट बयान दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस युद्ध में असफल रहा है और अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए ईरान के साथ बातचीत कर रहा है.
आपको बता दें कि इसके पहले भी जम्मू-कश्मीर से ईरान युद्ध पीड़ितों के लिए शिया समुदाय ने जमकर डोनेशन दिया था. अब अमेरिका के जारी किए गए सीजफायर के बाद दोनों देशों के बीच तनाव को कम हुआ है. हर तरफ उत्सव और उमंग का माहौल था, जो यह दिखाता था कि लंबे समय से चली आ रही चिंता और तनाव के बीच लोग राहत महसूस कर रहे थे.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

