आशुतोष तिवारी, बस्तर। छत्तीसगढ़ से लगे राज्य तेलंगाना से आई एक बड़ी खबर ने दक्षिण बस्तर में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। नक्सलियों की बटालियन के अंतिम कमांडर सोड़ी केशा ने अपने 42 साथियों के साथ हैदराबाद में पुलिस के सामने समर्पण कर दिया है। इस दौरान उन्होंने पुलिस को भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सौंपे हैं।


बताया जा रहा है कि सोड़ी केशा लंबे समय से दक्षिण बस्तर में सक्रिय नक्सलियों की आखिरी मजबूत कड़ी था, जिसने कर्रेगुट्टा की दुर्गम पहाड़ियों को अपना ठिकाना बना रखा था। हिड़मा के एनकाउंटर और बारसे देवा के सरेंडर के बाद संगठन की कमान पूरी तरह सोड़ी केशा के हाथों में आ गई थी, लेकिन लगातार दबाव और सुरक्षा बलों के ऑपरेशन के चलते अब उसने भी हथियार डाल दिए। इस बड़े समर्पण के साथ ही दक्षिण बस्तर में सक्रिय नक्सलियों की आखिरी संगठित टुकड़ी भी खत्म मानी जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक 42 माओवादियों के सरेंडर के बाद इलाके में नक्सल संगठन अब लगभग पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है। लगातार ऑपरेशन, रणनीतिक दबाव और सरेंडर पॉलिसी के असर से अब बस्तर में नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में पहुंचता नजर आ रहा है।

कैडर के हिसाब से सरेंडर करने वाले नक्सली
- DVCM (डिवीजनल कमेटी मेंबर)
- ACM (एरिया कमेटी मेंबर)
- PM (पार्टी मेंबर)
- अन्य निचले स्तर के कैडर

आत्मसमर्पण के साथ डाले हथियार और गोला-बारूद
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सौंपा, जिनमें शामिल हैं—
AK-47 राइफल – 5
SLR और INSAS राइफल – कई
303 राइफल, 8mm और 9mm पिस्टल
38 रिवॉल्वर
देशी हथियार और शॉटगन
कुल हथियार – 36
कुल गोलियां – 1007
ग्रेनेड – 2
इसके अलावा नक्सलियों ने करीब 800 ग्राम सोना भी सुरक्षा बलों को सौंपा है।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर घोषित इनाम की राशि
सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों पर सरकार ने अलग-अलग कैडर के हिसाब से इनाम घोषित कर रखा था।
राज्य समिति सदस्य – ₹20 लाख
डीवीसीएम – ₹8 लाख
एसीएम – ₹5 लाख
क्षेत्रीय समिति सदस्य – ₹4 लाख
पार्टी सदस्य – ₹1 लाख
इन सभी को मिलाकर कुल इनामी राशि करीब ₹1 करोड़ 93 लाख थी, जिसे छोड़कर ये सभी मुख्यधारा में लौटे हैं।
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