कुरुक्षेत्र। जिले के ज्योतिसर चौकी इंचार्ज एएसआई संदीप सिंह को पद से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कैथल में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठे एक विवाद के बाद की गई है। इस मामले में कैबिनेट मंत्री अनिल विज और कैथल की तत्कालीन एसपी उपासना सिंह के बीच एएसआई को निलंबित करने के मुद्दे पर बहस भी हुई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुरुक्षेत्र के एसपी चंद्र मोहन ने डीएसपी मुख्यालय सुनील को जांच सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में एएसआई की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उन्हें 8 अप्रैल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। हालांकि, दो से तीन दिन बाद उन्हें बहाल कर दिया गया और वर्तमान में वह कुरुक्षेत्र पुलिस लाइन में तैनात हैं, लेकिन उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है।
एएसआई संदीप सिंह पर सात लाख रुपये के जमीन घोटाले और वित्तीय धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। इस संबंध में कैथल के तितराम थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। 13 फरवरी 2026 को शिकायतकर्ता ने ग्रीवांस कमेटी की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। जांच के दौरान एएसआई ने मौखिक रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने शिकायतकर्ता पक्ष से सात लाख रुपये लिए थे।
पुलिस विभाग के अनुसार, एएसआई संदीप सिंह पर निजी लाभ के लिए पद का दुरुपयोग करने, पुलिस की छवि खराब करने और अनुशासनहीनता के आरोप हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अनुशासन की अनदेखी और लापरवाही के इस मामले में पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

