भिवानी। फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले दो दमकल कर्मियों को शहीद का दर्जा देने और उनके परिवारों को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर जारी हड़ताल मंगलवार को सातवें दिन भी जारी रही। दमकल विभाग के कर्मचारियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है और अब उन्होंने हड़ताल की अवधि को 16 अप्रैल तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस हड़ताल के कारण जिले भर में अग्निशमन सेवाएं पूरी तरह ठप्प हो गई हैं।

राजनीतिक दलों और संगठनों का मिला समर्थन
फायर कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अजय श्योराण के नेतृत्व में कर्मचारियों ने भिवानी स्थित अग्निशमन कार्यालय के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन को कांग्रेस, इनेलो और सर्व कर्मचारी संघ सहित विभिन्न संगठनों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। पूर्व विधायक वासुदेव शर्मा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी, इनेलो जिला प्रधान अशोक ढाणीमाहु सहित कई नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराया और सरकार से जल्द समाधान की मांग की।
प्रमुख मांगें और चेतावनी
कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि मृतक दमकल कर्मियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और शहीद का दर्जा दिया जाए। संघ के नेताओं का कहना है कि दमकल कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करते हैं, लेकिन अनहोनी होने पर सरकार द्वारा सुध न लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान होने वाली किसी भी आगजनी की घटना के लिए वे जिम्मेदार नहीं होंगे और न ही बचाव कार्य में सहयोग करेंगे।
आगामी आंदोलन की रणनीति
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुमेर आर्य ने कहा कि सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण यह रास्ता अपनाना पड़ा है। आंदोलन को और तेज करने के लिए आगामी रणनीति भी तैयार कर ली गई है। इसके तहत 16 अप्रैल को सफाई कर्मचारी तीन घंटे काम बंद रखेंगे। इसके बाद 24 और 25 अप्रैल को प्रदेश भर में प्रदर्शन किए जाएंगे, जबकि 27 और 28 अप्रैल को क्रमिक भूख हड़ताल होगी। यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो 1 और 2 मई को दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय हड़ताल आयोजित की जाएगी।

