प्रवर्तन निदेशालय ने I-PAC मामले से जुड़े ‘हवाला लेन-देन’ और मनी लॉन्ड्रिंग के संबंध में प्रतीक जैन भाई पुलकित जैन और पत्नी बार्बी जैन को 15 अप्रैल को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में पेश होने के लिए समन जारी किया है. इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने I-PAC के सह-संस्थापक एवं निदेशक विनेश चंदेल को मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय की 10 दिन की हिरासत में भेज दिया. चंदेल को निदेशालय ने राजनीतिक दलों और अन्य संस्थाओं से प्राप्त धन के कथित ‘हवाला लेन-देन’ से जुड़े एक मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया था.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ईडी ने I-PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. एजेंसी ने प्रतीक जैन के भाई पुलकित और पत्नी बार्बी जैन को 15 अप्रैल को दिल्ली कार्यालय में पेश होने के लिए समन भेजा है.
प्रवर्तन निदेशालय ने I-PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के सिलसिले में प्रतीक जैन के भाई पुलकित जैन और पत्नी बार्बी जैन को 15 अप्रैल को दिल्ली स्थित कार्यालय में तलब किया है. यह कदम 13 अप्रैल 2026 को कंपनी के डायरेक्टर और 33 फीसदी शेयरधारक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी के बाद उठाया गया है. दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी की मुख्यालय जांच इकाई ने पीएमएलए के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की है.
ईडी की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले की गई है, जहां यह संस्थान क्रमशः तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) जैसे दलों को राजनीतिक परामर्श दे रहा है।
विनेश चंदेल को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया गया है. एजेंसी को शक है कि प्रतीक जैन के परिवार के सदस्यों के पास इस मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हैं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. अब तक की जांच में करीब 50 करोड़ रुपये के अपराध की कमाई का पता चला है.
ईडी की जांच में I-PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कई वित्तीय हेरफेर सामने आए हैं. एजेंसी के मुताबिक, कंपनी को बिना किसी ठोस व्यावसायिक आधार के असुरक्षित लोन और फर्जी चालान के जरिए फंड प्राप्त हुए हैं. जांच में हवाला चैनलों के उपयोग और संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के जरिए कैश को इधर-उधर करने की बात भी सामने आई है. ईडी ने कंपनी के निदेशकों को इन अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराया है.
पिछले कुछ हफ्तों में ईडी ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हस्तियों से जुड़े कई मामलों में अपनी सक्रियता बढ़ाई है. एजेंसी ने कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं और छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने का दावा किया है.
इससे पहले जब ईडी ने प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की थी, तब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वहां पहुंच गई थीं, जिसके बाद तलाशी अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा था.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

