इमरान खान, खंडवा। श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ समिति द्वारा आयोजित सात दिवसीय कथा के चौथे दिन पंडाल पूरी तरह कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। शहर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्साह मना। कथा में भी ठीक इसी दिन कृष्ण जन्म का प्रसंग आने से दोहरा संयोग बन गया। कथावाचक देवी कृष्णप्रिया दीदी ने प्रभु के नाम स्मरण की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का दिव्य प्रसंग सुनाया।

श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता

खण्डवा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शहर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। मंदिरों में विशेष सजावट के साथ भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी अवसर पर देवी कृष्णाप्रिया दीदी ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके संदेश और भक्ति के महत्व को लेकर श्रद्धालुओं से विशेष संवाद किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, कर्म, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

राधे-राधे’ और ‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारे लगे

जन्माष्टमी के मौके पर दीदी ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़ने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उनके विचार सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्री कृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

सदस्यों ने व्यासपीठ का पूजन किया

श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ समिति द्वारा आयोजित सात दिवसीय भगवत कथा के चतुर्थ दिवस जन्माष्टमी पर श्रीमद्भागवत कथा में भी कृष्ण जन्मोत्सव के चित्रण से पंडाल के सभी श्रोता कृष्ण जन्म पर नंद घर आनंद भयो के उदघोष के साथ ही झूम उठे। कथा वाचक देवी कृष्णप्रिया ने कृष्ण जन्म की कथा विस्तार से बताई। मुख्य जजमान राजेन्द्र अग्रवाल, आशा अग्रवाल, सन्तोष, संगीता, अमित, सुमित अग्रवाल, समिति अध्यक्ष उत्तम मित्तल, शैलू अग्रवाल व सदस्यों ने व्यासपीठ का पूजन किया।

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