लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में भेदभाव, अन्याय, अत्याचार चरम पर है। भाजपा सरकार के 10 साल में पीडीए वर्ग पर अत्याचार की इंतहा हो गई है। सरकार ने बड़े पैमाने पर फेंक एनकाउण्टर कराये हैं। इन फर्जी एनकाउण्टर में 85 फीसदी पीडीए के लोग मारे गये है। इस सरकार में किसी को न्याय नहीं मिल रहा है।
अखिलेश ने बीजेपी पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने आज भाजपा सरकार के 10 साल में पीडीए वर्ग पर हुए अत्याचार के आंकड़ों की एक पुस्तिका जारी की। पुस्तिका में भाजपा सरकार द्वारा पीडीए के साथ किये गये फर्जी एनकाउण्टर पीडीए के घरों पर चलवाये गये बुलडोजर, पुलिस हिरासत में हुई मौतों और उत्तर प्रदेश की जेलों में अण्डर ट्रायल कैदियों का जातीय ब्यौरा है।
भाजपा सामाजिक न्याय विरोधी
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा सरकार जब डगमगाने लगती है तो फर्जी एनकाउण्टर कराती है। साथ ही और ज्यादा कम्युनल हो जाती है। भाजपा सरकार अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए फेक एनकाउण्टर कराती है। फर्जी एनकाउण्टर भाजपा सरकार की नाइंसाफी, जुर्म और ज्यादती का सबसे घिनौना रूप है। फर्जी एनकाउण्टर के जरिए भाजपा सियासी साजिश करती है। जाति-धर्म देखकर फर्जी एनकाउण्टर कराती है। इससे प्रदेश का सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है। जाति आधारित फर्जी एनकाउण्टर सामाजिक न्याय के राज को खारिज करता है। भाजपा सामाजिक न्याय विरोधी है।
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अखिलेश यादव ने बताया कि लोकतंत्र का इतिहास गवाह है कि जो सरकारें एनकाउण्टर करवाती हैं। मौका आने पर जनता एक न एक दिन चुनावी तरीके से उसका एनकाउण्टर कर देती है। इसीलिए लोकतंत्र आज तक जिंदा है और फर्जी एनकाउण्टर और अत्याचार करने वाली सरकारें काले इतिहास में दम तोड़ देती है। उन्होंने कहा कि इतिहास फिर दोहराया जाएगा और फर्जी एनकाउण्टर वाली भाजपा सरकार को हराया जाएगा और हमेशा के लिए हटाया जाएगा।
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अखिलेश यादव ने आगे कहा कि फर्जी एनकाउण्टर करके भाजपा ने प्रदेश की छवि धूमिल की है। उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर वर्चस्व की धाक जमाने के लिए किए जाते हैं। फ़र्जी एनकाउंटर से भाजपा सरकार आम जनता पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना चाहती है। फ़र्जी एनकाउंटर से लॉ एंड आर्डर संभलता नहीं बल्कि और बिगड़ता है क्योंकि इससे पुलिस में भ्रष्टाचार फैलता है। फ़र्जी एनकाउंटर को सही साबित करने के लिए कुछ भ्रष्ट वकील मनगढ़ंत कनपुरिया किस्सा बनाते हैं और फिर वो अधिकारियों और सरकार को ही ब्लैकमेल करते हैं।
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फर्जी एनकाउंटर में जो मारे जाते हैं उनको मारनेवाले भी आखिर में वैधानिक और सामाजिक रूप से मारे जाते हैं क्योंकि फर्जी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिस जब फँसती है, तो भाजपा सरकार उससे मुँह मोड़ लेती है। फर्जी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिसवालों को जब जेल होती है तो उनके परिवारवाले सामाजिक अपमान का शिकार होते हैं। जनता उनके मान-सम्मान का सोशल एनकाउण्टर कर देती है। फर्जी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिसवालों को जेल की घुटन भरी, कालकोठरी के अंधेरे में जब तक ये समझ आता है कि भाजपा किसी की सगी नहीं है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

