कैथल। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के सीनियर कंसलटेंट केपीजे गेराल्ड ने वीरवार को कैथल लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स (डीटीएफ) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं टास्क फोर्स के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके सर्वांगीण विकास तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

केपीजे गेराल्ड ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि “कोई भी व्यक्ति या विभाग अकेले सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता। यदि सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए समन्वय के साथ कार्य करें तो बच्चों के हितों की बेहतर ढंग से रक्षा की जा सकती है।”

उन्होंने अधिकारियों से बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा जरूरतमंद बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और संरक्षण जैसे प्रत्येक क्षेत्र में बच्चों के अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

बैठक के दौरान केपीजे गेराल्ड ने निर्देश दिए कि डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित की जाए, ताकि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की समीक्षा हो सके और लंबित मुद्दों का समय रहते समाधान किया जा सके। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और सूचना के आदान-प्रदान की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर भी बल दिया।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बाल अधिकारों की रक्षा के लिए आपसी सहयोग से कार्य करने का भरोसा दिलाया तथा बच्चों के हितों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। बैठक का उद्देश्य जिले में बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाना तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति सभी संबंधित विभागों की जवाबदेही को मजबूत करना रहा।
बैठक में सीडब्ल्यूसी चेयरमैन भीमसेन अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी सपना, डीसीपीओ शशिबाला, सहायक श्रम आयुक्त राजेश, कोमल, नरेश पंवार आदि उपस्थित थे।