कुमार इंदर, जबलपुर। बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद अब एक निजी अस्पताल की संवेदनहीनता का बड़ा मामला सामने आया है। एक तरफ जहां पूरा प्रशासन घायलों की मदद में जुटा था, वहीं दूसरी ओर गौर इलाके में स्थित ‘नोबल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल’ हादसे की शिकार एक महिला से वसूली करने में व्यस्त था। अब इस मामले में प्रशासन ने अस्पताल पर गाज गिराई है।

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पेन किलर और टिटनेस इंजेक्शन के लिए मोटी रकम वसूली

मामला घायल महिला सविता शर्मा से जुड़ा है। हादसे के बाद प्राथमिक इलाज के लिए उन्हें नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ले जाया गया था। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने महज एक पेन किलर और टिटनेस का इंजेक्शन लगाने के बदले महिला से 4 हजार 700 रुपये वसूल लिए। ​हैरानी की बात यह है कि ‘आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005’ के तहत आपदा प्रभावितों को मुफ्त इलाज देने का प्रावधान है, लेकिन अस्पताल ने नियमों को ताक पर रखकर पीड़ित से मोटी रकम ऐंठ ली।

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अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पर रोक

मामले की शिकायत मिलते ही जबलपुर कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे जिसके बाद सीएमएचओ ने घटना की जांच कर त्वरित एक्शन लिया और अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करते हुए 7 दिन के अंदर जवाब मांगा है, सीएमएचओ का कहना है कि, अस्पताल प्रबंधन से संतोष जनक जवाब न मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की है।

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डॉ. नवीन कोठारी, CMHO, जबलपुर

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