कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने दो पत्रकारों के पास रद्द किए जाने का मामला सदन में जोर-शोर से उठाया। पास रद्द किए जाने के विरोध में आज मीडियाकर्मियों ने विधानसभा की कार्यवाही का कवरेज पूरी तरह से बहिष्कृत किया। इस मामले पर हस्तक्षेप करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सदन को आश्वस्त किया कि इस समस्या को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। इसी बीच, विपक्षी विधायकों ने वेल में पहुंचकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

सत्ता पक्ष के विधायक ने उठाया बिजली का मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के ही एक विधायक ने राज्य में किसानों को हो रही बिजली आपूर्ति की समस्या को प्रमुखता से उठाया। विधायकों ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि कई ग्रामीण इलाकों में किसानों को समय पर बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है और फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
उन्होंने सरकार से कड़े सवाल पूछते हुए कहा कि जब राज्य में मानसून की बेरुखी और कम बारिश के कारण किसान पहले से ही संकट में हैं, तब खेतों तक पर्याप्त बिजली पहुंचाने के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए जा रहे हैं। किसानों को इस वक्त अपनी फसल बचाने के लिए सिंचाई की सबसे अधिक जरूरत है, लेकिन बिजली संकट के चलते उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सदन में बड़ा बयान
विधायकों के तीखे सवालों के बाद, सदन में स्थिति को संभालते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद जवाब देने के लिए खड़े हुए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों की हर समस्या को लेकर पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य के कई हिस्सों में इस बार बारिश कम हुई है, जिससे अन्नदाताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकार लगातार जमीनी हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है और किसानों को त्वरित राहत देने के लिए विभिन्न स्तरों पर युद्धस्तर पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन को आश्वस्त किया कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए विशेष पुख्ता व्यवस्था बनाई गई है। इसके तहत अब राज्य में सुबह 6 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक लगातार बिजली उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा, ताकि किसान अपने खेतों तक समय पर पानी पहुंचा सकें और अपनी फसलों को सूखने से बचा सकें।
सूखे की स्थिति और डीजल अनुदान पर अपडेट
खेती की अनिश्चितता का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि कृषि व्यवस्था पूरी तरह से मौसम पर निर्भर करती है और कम बारिश के कारण कई क्षेत्रों में संकट की स्थिति बन रही है। सरकार का यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि बिजली या किसी अन्य संसाधन की कमी से किसानों की फसल बर्बाद न हो। इसके लिए सिंचाई तंत्र को मजबूत करते हुए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सूखे के हालातों पर बड़ा अपडेट देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन-जिन जिलों में कम बारिश के कारण सुखाड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, वहां के जिलाधिकारियों को तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेजने के निर्देश दे दिए गए हैं। जिलों से रिपोर्ट प्राप्त होते ही सरकार बिना किसी देरी के आवश्यक कदम उठाएगी और प्रभावित किसानों को राहत राशि व सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि किसी क्षेत्र में गंभीर सूखे की स्थिति पाई जाती है, तो वहां के किसानों के लिए डीजल अनुदान देने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। इससे किसान डीजल पंप सेट का उपयोग करके अपने खेतों की आसानी से सिंचाई कर सकेंगे और संकट के इस समय में अपनी फसलों को बचाने में कामयाब हो सकेंगे। मुख्यमंत्री के इस विस्तृत और सकारात्मक जवाब के बाद ही विपक्षी विधायक अपनी सीटों पर वापस बैठे और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ सकी।


