कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार (22 जुलाई) को कहा कि CJP सरकार के प्रस्ताव पर बातचीत के लिए तैयार है। सौरव दास ने कहा कि पहले सरकार की ओर से यह कहा गया था कि CJP बातचीत करना चाहती है, लेकिन अब सरकार ने खुद यह स्पष्ट किया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत की प्रक्रिया में शामिल होने को तैयार है। CJP प्रवक्ता ने कहा कि आंदोलन से जुड़ी मांगों और मौजूदा स्थिति पर सरकार के साथ चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के जरिए आगे का रास्ता निकालने का प्रयास किया जा सकता है।

पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार को कहा कि CJP किसी भी नेता के घर या दफ्तर में जाकर बैठक नहीं करेगी। सौरव दास ने कहा कि अगर सरकार बातचीत करना चाहती है तो उसके प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं या फिर किसी तटस्थ स्थान पर बैठक आयोजित की जा सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांस्टीट्यूशन क्लब जैसे किसी कॉमन प्लेस पर बातचीत की जा सकती है। CJP प्रवक्ता ने दावा किया कि बुधवार सुबह दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पार्टी से संपर्क कर कहा था कि सरकार बातचीत करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पार्टी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन प्रतिनिधि मंडल सरकार के किसी नेता के निजी आवास या कार्यालय पर नहीं जाएगा।

सरकार को पहले दिन ही करनी चाहिए थी बातचीत

पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार को कहा कि बातचीत के जरिए ही किसी भी मुद्दे का समाधान निकाला जा सकता है। सौरव दास ने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव पहले भी आया था। उन्होंने कहा, “हम सभी पढ़े-लिखे लोग हैं और हमें भी पता है कि बातचीत के जरिए ही हल निकलेगा।” उन्होंने सरकार से आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा करने की अपील की।

जेपी नड्डा के आवास पर हुई थी CJP नेताओं की बैठक

CJP ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ उसकी पहली औपचारिक बातचीत केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर हुई थी। पार्टी की ओर से आशुतोष रांका और सौरव दास ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और करीब 2 घंटे के दौरान दो चरणों में केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की। CJP के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी जेपी नड्डा को सौंपा। ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।आशुतोष रांका ने कहा था, “हमें केवल इतना आश्वासन मिला है कि वह (जेपी नड्डा) शीर्ष नेतृत्व से बात करेंगे और चर्चा के निष्कर्ष से हमें अवगत कराएंगे।”

सरकार-CJP बैठक के बाद जेपी नड्डा का बयान

केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच हुई पहली औपचारिक बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बातचीत को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। जेपी नड्डा ने अपने बयान में कहा कि सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव दिए जाने के बाद सुबह 11 बजकर 50 मिनट से CJP के प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा शुरू हो गई थी। उन्होंने कहा कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और दोनों पक्षों के बीच विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से प्रारंभिक मौखिक चर्चा हुई।

नड्डा के अनुसार, बातचीत के बाद शाम करीब 4 बजे CJP के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें अपनी मांगों से संबंधित एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी है और ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर विचार किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने और स्थिति सामान्य बनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। नड्डा ने कहा कि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सुना है और संबंधित मुद्दों पर उचित स्तर पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और आंदोलन समाप्त करने का अनुरोध किया।

वहीं, बैठक के बाद CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया मंच X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे पर उचित स्तर पर चर्चा करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। सौरव दास ने अपने संदेश में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। उनके अनुसार, जब तक मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक प्रदर्शन समाप्त नहीं किया जाएगा।

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