मणिपुर के उखरूल जिले में सोमवार दोपहर करीब 1:50 बजे नुंगशांग कोंग के पास 40 असम राइफल्स के काफिले पर संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

ड्यूटी से लौट रहे थे जवान, अचानक हुई फायरिंग

जानकारी के अनुसार, असम राइफल्स के जवान अपनी ड्यूटी पूरी कर शांगशाक बटालियन मुख्यालय लौट रहे थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे उग्रवादियों ने अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी की और विस्फोट किए। हमले में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन सीएम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल संगशक स्थित असम राइफल्स कैंप ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ शांगशाक कैंप में रखा गया है।

कई घंटों तक चली गोलीबारी, सर्च ऑपरेशन जारी

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, हमले के बाद कई घंटों तक इलाके में लगातार गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं। इससे सुरक्षा बलों और संदिग्ध उग्रवादियों के बीच लंबी मुठभेड़ की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अब तक किसी उग्रवादी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गृह मंत्री ने जताया दुख, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा

मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं राज्य में शांति और सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि हमले के जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कांगपोकपी में चर्च के पास फायरिंग, महिला और बच्चा घायल

उधर, कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग कुकी गांव में उग्रवादियों की गोलीबारी में एक महिला और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार की प्रार्थना के दौरान हमलावरों ने गांव पर अंधाधुंध फायरिंग की, बम और विस्फोटक फेंके तथा कई घरों में आग लगा दी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि सुरक्षा बलों ने जांच और तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

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