नीट पेपर लीक मामले को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने केंद्र सरकार से आश्वासन मिलने के बाद 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की थी। हालांकि, वांगचुक के अनशन खत्म होने के बावजूद CJP ने स्पष्ट किया है कि उसका आंदोलन जारी रहेगा। इसी बीच, अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) अपनी मांगों पर कायम हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

दीपक बालियान बोले- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों की सबसे बड़ी मांग

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता दीपक बालियान ने कहा है कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उनके अनुसार, छात्रों के आंदोलन का यह सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। दीपक बालियान ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद ही पूरे मामले में जवाबदेही और जिम्मेदारी तय की जा सकेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में हुई कथित नाकामियों के कारण गंभीर स्थिति पैदा हुई है। साथ ही, उन्होंने यह दावा भी किया कि इन घटनाओं के चलते 20 छात्रों की जान गई है। बालियान ने कहा कि देशभर में छात्र सुबह से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और वे परीक्षा प्रणाली को लेकर नाराज, परेशान और निराश हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुने, मामले की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।

सोनम वांगचुक को लेकर भी CJP ने उठाए सवाल

CJP के प्रवक्ता दीपक बालियान ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र और उनके परिवार पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं। उनके अनुसार, छात्र वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन जब किसी परीक्षा में पेपर लीक जैसी कथित घटनाएं सामने आती हैं, तो उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों का छात्रों पर मानसिक दबाव भी पड़ता है। बालियान ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, ताकि पूरे मामले में जवाबदेही तय हो सके और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जा सकें। सोनम वांगचुक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए था। बालियान ने आरोप लगाया कि वांगचुक को पर्दे के पीछे छिपाकर ले जाया गया, जो उनके अनुसार उचित नहीं था।

CJP ने सरकार से पूछे सवाल

CJP के प्रवक्ता दीपक बालियान ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री इस पूरे मामले पर विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया देंगे। बालियान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की बात कही है। बालियान ने कहा कि यदि सरकार दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार है, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर चर्चा क्यों नहीं की जा रही है। उनके अनुसार, छात्रों की मांग है कि पूरे मामले में जवाबदेही तय की जाए और इसके लिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर भी विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि CJP का मानना है कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

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