दिल्ली मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ : कल (12 मई 2026) की खबरों में दिल्ली में बैरियर-फ्री टोल प्लाजा का उद्घाटन, धूल प्रदूषण रोकने के लिए रेखा सरकार का नया आदेश, दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 को मिला जबरदस्त समर्थन, दिल्ली के घरों में छिपा ‘जहरीला खतरा’, NEET-UG 2026 विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल का बयान प्रमुख रहा।

दिल्ली में बैरियर-फ्री टोल प्लाजा का उद्घाटन
राजधानी दिल्ली में आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी का पहला ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) टोलिंग सिस्टम शुरू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुककर टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने सोमवार को दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला स्थित UER-II टोल प्लाजा पर इस अत्याधुनिक सिस्टम का उद्घाटन किया।

धूल प्रदूषण रोकने के लिए रेखा सरकार का नया आदेश
राजधानी दिल्ली में बढ़ते धूल प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ( Rekha Gupta) ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने राजधानी क्षेत्र में सभी निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) साइट्स पर हाई-डेंसिटी डस्ट स्क्रीन का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया है। नए नियम के तहत निर्माण स्थलों पर इस्तेमाल होने वाली ग्रीन नेट की न्यूनतम मोटाई 100 GSM तय की गई है। सरकार का कहना है कि इससे निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा और वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 को मिला जबरदस्त समर्थन
परिवहन विभाग की ओर से जारी ड्राफ्ट EV पॉलिसी 2026 को जनता, उद्योग जगत और विभिन्न संस्थानों से व्यापक समर्थन मिला है। सरकार को ड्राफ्ट ईवी पॉलिसी 2.0 पर एक महीने के भीतर करीब 700 सुझाव प्राप्त हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, ड्राफ्ट पॉलिसी पर सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 10 मई तय की गई थी। इस दौरान दिल्ली सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सुझाव आमंत्रित किए थे। साथ ही विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ कंसल्टेशन सम्मेलन भी आयोजित किए गए, ताकि पॉलिसी को अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाया जा सके।

दिल्ली के घरों में छिपा ‘जहरीला खतरा’
अगर आप यह सोचते हैं कि घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद करके दिल्ली के प्रदूषण से पूरी तरह सुरक्षित हो सकते हैं, तो नई स्टडी आपको चौंका सकती है। एक हालिया शोध में दावा किया गया है कि राजधानी के कई घरों के किचन में प्रदूषण का स्तर तय मानकों से कई गुना अधिक पाया गया है। स्टडी के मुताबिक, यह इनडोर प्रदूषण केवल सांस लेने में परेशानी तक सीमित नहीं है, बल्कि फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाने के साथ कई खतरनाक बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

NEET-UG 2026 विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल का बयान
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने NEET UG को लेकर चल रहे पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा रद्द होने के दावों के बीच प्रतिक्रिया दी है। केजरीवाल ने कहा कि अगर परीक्षा प्रक्रिया और छात्रों के भविष्य को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं, तो इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर आवाज उठाएं।
कल की कुछ महत्वपूर्ण खबरेंः-
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास अवैध पार्किंग पर हाईकोर्ट सख्त: दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन (Lal Qila Metro Station) के पास लगने वाले भारी जाम और अवैध पार्किंग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में लाल किला मेट्रो स्टेशन की पार्किंग साइट का लाइसेंस रद्द करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि यह मामला केवल पार्किंग संचालन या ठेकेदार के व्यावसायिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और सुगम आवागमन से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुविधा और ट्रैफिक व्यवस्था को किसी निजी ठेकेदार के फायदे-नुकसान के आधार पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। (पढ़े पूरी खबर)
PM आवास के पास की झुग्गि 15 दिन में खाली करने का आदेश: दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली की तीन झुग्गी बस्तियों को हटाने का रास्ता साफ कर दिया है। प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास लोक कल्याण मार्ग और एयर फोर्स स्टेशन के नजदीक स्थित इन बस्तियों को खाली कराने की अनुमति देते हुए हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाना ‘आश्रय और आजीविका के अधिकार’ का उल्लंघन नहीं माना जा सकता, बशर्ते प्रभावित लोगों का पुनर्वास उचित तरीके से किया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को स्थायी अधिकार के रूप में नहीं देखा जा सकता। (पढ़े पूरी खबर)
यमुना बाढ़ क्षेत्र को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त: दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए अहम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि इस संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी तरह की पार्किंग, कमर्शियल गतिविधि या बड़े धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। (पढ़े पूरी खबर)
दहेज को लेकर ताने बन सकते हैं तलाक का आधार: दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि शादी के बाद महिला को दहेज में कम सामान, जैसे छोटी गाड़ी या कम सोना लाने को लेकर बार-बार ताने देना भी मानसिक क्रूरता (mental cruelty) के दायरे में आएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे व्यवहार को “मामूली बात” मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह लगातार मानसिक उत्पीड़न का कारण बन सकता है और वैवाहिक जीवन पर गंभीर असर डालता है। (पढ़े पूरी खबर)
द्वारका, रोहिणी और नरेला को फाइनैंशल हब बनाने की तैयारी : राजधानी दिल्ली के द्वारका क्षेत्र को अब घरेलू और विदेशी निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। योजना के तहत यहां आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस स्थापित करने पर काम किया जा रहा है। इस दिशा में DDA ने प्रारंभिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रोजेक्ट का उद्देश्य द्वारका को एक आधुनिक शहरी आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना बताया जा रहा है, जिससे रोजगार और निवेश दोनों को बढ़ावा मिल सके। (पढ़े पूरी खबर)
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