गुरुग्राम में अवैध रूप से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-39 की टीम ने चिन्हित कर डिपोर्ट कर दिया है। पुलिस की एस्कॉर्ट टीम इन सभी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन के लिए रवाना कर चुकी है।
गुरुग्राम। अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) सेक्टर-39 की टीम ने अभियान चलाकर 13 बांग्लादेशी नागरिकों को चिन्हित किया है, जिन्हें निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस उनके देश भेजने (डिपोर्ट करने) की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गुरुग्राम पुलिस की एक विशेष एस्कॉर्ट टीम इन सभी नागरिकों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन के लिए ट्रेन से लेकर रवाना हो चुकी है।
दस्तावेजों की सघन जांच
साइबर सिटी गुरुग्राम में अवैध प्रवास को रोकने के लिए पुलिस द्वारा किराए के मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों, कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों और होटलों में रहने वाले लोगों के दस्तावेजों के सत्यापन का एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस गहन जांच अभियान के दौरान संदिग्ध लोगों के पासपोर्ट और वीजा आदि की बारीकी से जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया में जो भी विदेशी नागरिक भारत में रहने का वैध प्रमाण पत्र या दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ा एक्शन लिया जा रहा है।
पुलिस का विशेष अभियान
इस पूरे मामले को लेकर एसीपी क्राइम गुरुग्राम नवीन शर्मा ने आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उनके दस्तावेजों के सत्यापन का काम लगातार जारी रहेगा। जिन लोगों के दस्तावेज जांच के दायरे में संदिग्ध पाए जा रहे हैं या जो वैध वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी रह रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
सीमा पर सौंपने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, अपराध शाखा सेक्टर-39 द्वारा पकड़े गए इन सभी 13 बांग्लादेशी नागरिकों को न्यू दिल्ली-मालदा टाउन एक्सप्रेस ट्रेन के माध्यम से पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा है। मालदा टाउन पहुंचने पर वहां की कानूनी औपचारिकताएं और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात संबंधित सुरक्षा अधिकारियों को इन्हें सौंप दिया जाएगा, जहां से इन्हें सीमा पार इनके देश भेज दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि यह सुरक्षा अभियान भविष्य में भी इसी तरह चलता रहेगा।

