हरियाणा के युवाओं के लिए प्रदेश सरकार ने नवंबर महीने में चार हजार पुलिस कांस्टेबल पदों पर नई भर्ती निकालने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने मधुबन में इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें अग्निवीरों को विशेष छूट व आरक्षण प्रदान किया जाएगा।
करनाल। हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर सामने आने वाला है। प्रदेश सरकार ने आगामी नवंबर महीने में चार हजार नए पुलिस कांस्टेबल पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। इस निर्णय से उन अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा जो मौजूदा भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सके थे। यह महत्वपूर्ण घोषणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल द्वारा की गई है।
अग्निवीरों को विशेष लाभ
शनिवार को मुख्यमंत्री के थाना प्रभारियों के साथ होने वाले चर्चा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को देखने पहुंचे डीजीपी ने शुक्रवार को मधुबन स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी में पुलिस शहीद स्मारक पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस महकमे में नियुक्तियों का काम निरंतर चल रहा है। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष की 5500 नियुक्तियों में 1600 महिला कर्मचारी भी शामिल थीं। वर्तमान समय में कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से 5500 पदों को भरने की कवायद जारी है, जिसके तुरंत बाद नवंबर में 4000 अतिरिक्त कांस्टेबलों की बहाली की जाएगी। इस नई भर्ती में सरकार ने देश की सेवा कर लौटे अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत कोटा सुरक्षित रखने का फैसला किया है।
सुरक्षा के लिए डिजिटल पहल
अपराध नियंत्रण और गैंगस्टरों पर नकेल कसने के प्रयासों की चर्चा करते हुए डीजीपी सिंघल ने बताया कि विभाग ने ‘अभेद’ नाम से एक नया मोबाइल एप्लीकेशन जारी किया है। यह डिजिटल तकनीक संदिग्ध और धमकी भरी कॉल्स की पहचान कर आम नागरिकों को पहले ही सचेत करने का काम करेगी। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन धोखाधड़ी और इंटरनेट आधारित अपराधों पर त्वरित एक्शन के लिए ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था लागू की गई है, जिससे शिकायत दर्ज होते ही जांच शुरू हो जाएगी। पुलिस प्रमुख ने यह भी साझा किया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अब तक विभिन्न राज्यों व देशों से 22 खूंखार गैंगस्टरों का सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया है।
नशे के खिलाफ कड़ा एक्शन
सूबे को नशा मुक्त करने की दिशा में जारी अभियानों का ब्योरा देते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत अब तक 150 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। इसके साथ ही नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई 47 आरोपियों की अवैध चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। कानून का उल्लंघन कर बनाई गई कई इमारतों को भी विभाग द्वारा ढहाया गया है। उन्होंने दोहराया कि ड्रग्स नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए हर स्तर पर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए 18 जुलाई को सूबे के मुख्यमंत्री मधुबन का दौरा करेंगे, जहां वे सभी थानों के एसएचओ और मुंशी स्तर के पुलिसकर्मियों से सीधे संवाद कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।

