कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़, 18 अगस्त। हरियाणा में बिजली आपूर्ति को ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी (एचपीपीसी) की बैठक में बिजली निगमों के लिए 26,161 ट्रांसफार्मर खरीदने का फैसला किया गया। सरकार का फोकस केवल बिजली आपूर्ति का ढांचा मजबूत करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फील्ड में बिजली व्यवस्था संभालने वाले लाइनमैन और सहायक लाइनमैन की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम को मंजूरी दी गई।
बैठक में कर्मचारियों के लिए 5,000 से 7,500 टी एंड पी (टूल्स एंड प्रोटेक्शन) किट खरीदने पर सहमति बनी है। खास बात यह है कि इन किटों में 14 अलग-अलग सुरक्षा संबंधी सामान शामिल होंगे। सरकार के अनुसार, बिजली निगमों के फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इस तरह की खरीद पहली बार बड़े स्तर पर की जा रही है।
बिजली निगमों के लिए अलग-अलग क्षमता के ट्रांसफार्मर
सरकार ने बिजली व्यवस्था की जरूरत के मुताबिक अलग-अलग निगमों के लिए ट्रांसफार्मरों की खरीद को मंजूरी दी है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के लिए 400 केवीए क्षमता वाले 100 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर खरीदे जाएंगे।
वहीं हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) के लिए 40/50 एमवीए क्षमता के 132/33 केवी के 28 पावर ट्रांसफार्मर और 25/33.5 एमवीए क्षमता के 66/11 केवी के 33 पावर ट्रांसफार्मर खरीदने का निर्णय हुआ है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएनएल) के लिए सबसे बड़ी संख्या में 26,000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर खरीदे जाएंगे। इनमें प्रत्येक की क्षमता 100 केवीए होगी।
फॉल्ट या इमरजेंसी में बैकअप बढ़ाने पर जोर
सरकार का तर्क है कि पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर उपलब्ध रहने से खराबी आने या अचानक जरूरत बढ़ने की स्थिति में बिजली आपूर्ति बहाल करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। इसके साथ ही बिजली निगमों के पास इमरजेंसी के लिए जरूरी बैकअप उपलब्ध रखने की दिशा में भी यह खरीद अहम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजली तंत्र को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को जरूरत वाले क्षेत्रों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और आपात स्थिति के लिए बैकअप व्यवस्था मजबूत रखने पर जोर दिया।
81 करोड़ से बिजलीघरों में बनेगा नया ढांचा
बैठक में बिजलीघरों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का भी फैसला हुआ। हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी ने प्रदेश के विभिन्न बिजलीघरों में लगभग 81 करोड़ रुपये की लागत से जीआईएस-बे (Gas Insulated Switchgear Bay) तैयार करने की मंजूरी दी। इससे बिजलीघरों के ट्रांसमिशन ढांचे को आधुनिक बनाने और सिस्टम की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बातचीत के बाद तय हुई कम दरें
बैठक की एक और खास बात यह रही कि ट्रांसफार्मर, सुरक्षा किट और जीआईएस-बे से जुड़े कामों के लिए कंपनियों के साथ बातचीत के दौरान निर्धारित दरों से भी कम कीमत पर सहमति बनाने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने खुद खरीद प्रक्रिया में मोलभाव करते हुए कम दरों पर काम कराने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ इसमें लगे कर्मचारियों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी सोच के तहत ट्रांसफार्मर और सुरक्षा उपकरणों की खरीद को प्राथमिकता दी गई है।
बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशीमा बराड़, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक एवं सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव विक्रम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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