भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India-US Bilateral Trade Agreement) को लेकर बड़ी प्रगति देखने को मिल रही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर नई दिल्ली में अहम बैठक करने वाले हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है।

हाई-लेवल बैठक पर टिकी निगाहें

दोनों देशों के बीच यह वार्ता ऐसे समय हो रही है, जब 24 जुलाई को अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण समयसीमा समाप्त होने वाली है। इससे पहले दोनों पक्ष व्यापार समझौते के पहले चरण को लेकर सहमति बनाने की कोशिश में जुटे हैं। इससे पहले इस महीने नई दिल्ली में दोनों देशों के वरिष्ठ वार्ताकारों के बीच कई दौर की चर्चा हो चुकी है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया था।

अंतिम चरण में पहुंची डील

विदेश सचिव विक्रम मिसरी के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत अब अंतिम चरण में है। हाल के सप्ताहों में दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी संकेत दिए हैं कि गोयल और ग्रीर की बैठक में समझौते के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

पीयूष गोयल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत इस समझौते को तभी मंजूरी देगा, जब उसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में स्पष्ट और प्रत्यक्ष व्यापारिक लाभ प्राप्त होगा।

टैरिफ बना सबसे बड़ा अड़ंगा

फिलहाल बातचीत में टैरिफ से जुड़े मुद्दे सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। पहले की चर्चाओं में भारतीय निर्यात पर 18% शुल्क और प्रतिस्पर्धी देशों पर 19-20% शुल्क लगाए जाने की संभावना थी, जिससे भारत को बढ़त मिल सकती थी। हालांकि वर्तमान में सभी देशों पर समान रूप से 10% अतिरिक्त शुल्क लागू है, जिसके कारण भारत को कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा।

भारत की प्राथमिकता क्या है?

सूत्रों के मुताबिक, भारत चाहता है कि अंतिम समझौते में उसके निर्यातकों को वियतनाम, बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर बाजार पहुंच और शुल्क लाभ मिले। ऐसे में अगले 48 घंटे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और संभावित समझौते के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

अमेरिकी पक्ष का दावा- 99 प्रतिशत काम पूरा

इस बीच, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता लगभग 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है। हालांकि अंतिम सहमति टैरिफ से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान पर निर्भर करेगी।

हाल के दिनों में रुपये में आई कमजोरी पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने भरोसा जताया कि भारतीय मुद्रा जल्द ही स्थिरता हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियों में सुधार के साथ रुपया सामान्य स्थिति में लौट आएगा।

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