पटना। शहर के कोचिंग विवाद मामले में चर्चित शिक्षक फैजल खान (खान सर) की अग्रिम जमानत याचिका पर आज पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई होनी है। इसी के साथ उनके दोनों बॉडीगार्ड्स की नियमित जमानत याचिकाओं पर भी अंतिम सुनवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस द्वारा सौंपी गई अपडेटेड केस डायरी ने खान सर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

​हथियार वेरिफिकेशन में बड़ा खुलासा

​पुलिस जांच में सामने आया है कि फायरिंग की घटना में जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया था वह उत्तर प्रदेश के कासगंज निवासी तालेबर सिंह का है। जांच के दौरान पाया गया कि तालेबर सिंह के हथियार का लाइसेंस ऑल इंडिया परमिट नहीं था। नियमानुसार किसी अन्य राज्य से बिहार में हथियार लेकर आने और सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए वैध अनुमति आवश्यक होती है जिसका पूरी तरह अभाव था। साथ ही न तो स्थानीय थाने और न ही आर्म्स मजिस्ट्रेट को इस संबंध में कोई सूचना दी गई थी।

​खान सर पर लापरवाही के गंभीर आरोप

​मामले में फैजल खान की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने तालेबर सिंह को गार्ड के रूप में नियुक्त तो किया लेकिन किसी भी प्रकार का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवाया। कानूनन एक जिम्मेदार नागरिक और नियोक्ता होने के नाते खान सर को इन कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करना चाहिए था। पुलिस का आरोप है कि खान सर अपने साथ अवैध हथियार लेकर घूमते रहे और कथित तौर पर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करवाई गई।

​कोर्ट का रुख और अगली राह

​पिछली सुनवाई (27 जून) के दौरान खान पक्ष ने बहस में देरी पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद लोक अभियोजक ने केस डायरी के अध्ययन के लिए तीन दिन का समय मांगा था। अब पुलिस ने अपनी अपडेटेड डायरी कोर्ट में पेश कर दी है जिसमें उपरोक्त सभी अनियमितताओं का विस्तार से उल्लेख है। लोक अभियोजक लगातार तीनों आरोपियों की जमानत खारिज करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं।
​इसके अतिरिक्त इस मामले में 13 जुलाई को पटना हाईकोर्ट में भी सुनवाई होनी है, जहां खान सर द्वारा दर्ज FIR को रद्द करने के लिए याचिका दायर की गई है। इस पर कोर्ट ने वरीय अधिकारियों को तलब किया है। बहरहाल पटना सिविल कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई का फैसला खान सर और उनके गार्ड्स के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।