सतीश सिंह, मथुरा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने उनकी जन्मस्थली पहुंचे. यहां उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कि हमारी आस्था प्रभु श्रीराम पर विश्वास करती है, बाबा विश्वनाथ पर विश्वास करती है और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है. पूरी आस्था के साथ हमारी सरकार इन आराध्यों के प्रति नमन करती है. लेकिन जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे.
शुक्रवार को मथुरा में कान्हा और योगमाया के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी फिर से विष घोलने का काम करने जा रहे हैं. वे जहर उगलेंगे, क्योंकि कुछ लोग अपनी आदत से मजबूर होते हैं. उनकी आदत समाज में विषमता और वैमनस्य पैदा करने की रही है, ताकि समाज-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ें.
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डबल इंजन की सरकार इनके मंसूबों पर पानी फेरेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे आपकी सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास कर सकते हैं. हमारे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं. हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा को चुनौती दे सकते हैं. अन्नदाता किसानों की खुशहाली पर डाका डाल सकते हैं और हमारे कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बनाने का प्रयास कर सकते हैं. लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि डबल इंजन की सरकार इनके मंसूबों पर पानी फेरेगी और इन्हें कभी पूरा नहीं होने देगी. एक विकसित भारत के निर्माण के लिए हमारे लिए आस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है और अपनी विरासत के सम्मान के साथ विकास का जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है.
सरकारें यहां आने से डरती थी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय था, जब सरकारें यहाँ आने से डरती थीं. उन्हें अपनी सरकार चलाने से अधिक वोट बैंक की चिंता होती थी. उन्हें डर रहता था कि कहीं यहाँ आएँगे तो लोग सवाल न पूछ लें. इसी कारण पहले यहाँ कभी-कभी ऐसी घटनाएं घटित होती थीं, जो ब्रजभूमि की गरिमा को ठेस पहुँचाती थीं. लेकिन अब वह स्थिति नहीं है. अब ब्रजभूमि किसी भय या अराजकता की घटनाओं से नहीं, बल्कि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रज रथोत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे भव्य आयोजनों के साथ जुड़ती है.
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अयोध्या में सामाजिक समता और आस्था का अद्भुत संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था, जब अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ी हुई थी. जब मैं वहाँ जाता था और वहाँ की अव्यवस्था, वहाँ की अराजकता और श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा को देखता था, तो मन व्यथित हो जाता था. आज अयोध्या को देखिए. प्रतिदिन लगभग एक लाख श्रद्धालु अयोध्या आते हैं. जब रामनवमी का अवसर होता है, कार्तिक माह होता है, सावन का झूला मेला होता है अथवा दीपावली जैसे पर्व होते हैं, तब श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है. लाखों श्रद्धालु आते हैं, लेकिन आज उन्हें पहले जैसी अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ता. अयोध्या में सामाजिक समता और आस्था का अद्भुत संगम दिखाई देता है. हम सबको प्रभु श्रीराम के सनातन संदेश से जोड़ने वाले त्रिकालदर्शी ऋषि महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन चुका है. चारों ओर फोर-लेन की सड़कें बन चुकी हैं. अयोध्या रेलवे की डबल लाइन से जुड़ चुकी है. आप अयोध्या में कहीं भी जाएंगे तो आपको बेहतर कनेक्टिविटी दिखाई देगी—कहीं भक्तिपथ के रूप में, कहीं रामपथ के रूप में और कहीं मंदिर तक जाने वाले सुगम मार्ग के रूप में.
आक्रांताओं ने सनातन परंपरा को समाप्त करने का प्रयास किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से लगभग पाँच सौ वर्ष पहले, वर्ष 1528 में, एक विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था और हमारी सनातन परंपरा को समाप्त करने का प्रयास किया था. लेकिन पाँच सौ वर्षों के बाद भी प्रभु श्रीराम के प्रति भारत की सनातन आस्था न केवल जीवित रही, बल्कि और अधिक सशक्त होकर सामने आई. आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन चुका है. जिन लोगों को यह अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं; लेकिन जिनके हृदय में राम के प्रति आस्था है, वे यह देखकर गौरवान्वित हैं कि पाँच सौ वर्षों की प्रतीक्षा के बाद हमारे रामलला फिर से अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो चुके हैं.
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विंध्यवासिनी धाम को भी एक भव्य परिसर उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आज यहां योगमाया के दर्शन करके आया हूं. इसी धराधाम पर योगमाया ने प्रकट होकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी. जब भी मैं यहां आता था, मां विंध्यवासिनी धाम की स्मृति मेरे मन में आती थी. आज मुझे प्रसन्नता है कि योगमाया के प्रति हमारी आस्था और श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए विंध्यवासिनी धाम को भी एक भव्य परिसर उपलब्ध कराया जा रहा है. ब्रज तीर्थ विकास परिषद इस ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहाँ के जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस क्षेत्र को भव्य स्वरूप प्रदान करने का कार्य कर रही है. हमारा प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी उसी प्रकार के भव्य और दिव्य परिसर विकसित हों, जैसे अयोध्या और काशी में हुए हैं.
किसी श्रद्धालु की आस्था से कोई संघर्ष न हो
सीएम ने कहा कि हमारा उद्देश्य स्पष्ट है किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत न हो, उसकी आस्था के साथ कोई संघर्ष न हो, अपने आराध्य के दर्शन में उसे किसी प्रकार की चुनौती का सामना न करना पड़े. वह सहज भाव से आए, अपने आराध्य के दर्शन करे और अपने घर वापस जाते समय प्रभु का आशीर्वाद लेकर जाए.इसी व्यापक आस्था और श्रद्धा को सुविधाओं से जोड़ने के लिए डबल इंजन की सरकार निरंतर कार्य कर रही है.
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पर्व व त्योहार अर्थव्यवस्था के आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पर्व और त्योहार केवल हमारी आस्था के पर्व नहीं हैं, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था के आधार भी हैं. आज समाज का हर वर्ग किसी न किसी रूप में इस पूरी व्यवस्था से जुड़ रहा है. कोई दुकानदार है, कोई कारीगर है, कोई हस्तशिल्पी है, कोई उद्यमी है, कोई परिवहन से जुड़ा है. हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाते हुए भारत को विकसित भारत बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है.



