अमरितेश सिन्हा, मुंगेर। जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रतनपुर गांव में लापरवाही की एक बड़ी कीमत दो हंसते-खेलते परिवारों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है। यहां अचानक 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से चाचा और भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है और सावन की खुशियां पलभर में चीख-पुकार में बदल गईं।
सुबह-सुबह हुआ खौफनाक हादसा
घटना मुंगेर जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव की है। रविवार की सुबह जब ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी गांव में घर के पास लगे ट्रांसफॉर्मर के समीप अचानक 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर नीचे आ गिरा। उस दौरान घर से बाहर निकल रहे चाचा पंकज और उनके भतीजे अमन अनजाने में इस लाइव हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए। करंट का प्रवाह इतना तीव्र और खतरनाक था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भारी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए।

दो दिन पहले ही छुट्टी पर घर आए थे सिपाही अमन
इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले दोनों मृतक परिवार के मुख्य और कमाऊ सदस्य थे। मृतक अमन कुमार बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत थे और उनकी वर्तमान तैनाती समस्तीपुर जिले में थी। सावन के पवित्र महीने में झारखंड के देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करने के लिए अमन महज दो दिन पहले ही विभाग से छुट्टी लेकर अपने पैतृक गांव रतनपुर लौटे थे। नियति को कुछ और ही मंजूर था, आज शाम ही उन्हें बाबाधाम के लिए रवाना होना था लेकिन उससे पहले ही इस अनहोनी ने उनकी जिंदगी छीन ली। वहीं उनके चाचा पंकज भारतीय रेलवे में अपनी सेवाएं दे रहे थे। एक ही घर के इन दोनों चिरागों के बुझ जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे परिवार पर दुखों का बड़ा पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों का आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय बरियारपुर थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई और दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
दूसरी ओर घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भयंकर गुस्सा देखा गया। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि यह हादसा पूरी तरह से बिजली विभाग की भारी लापरवाही का नतीजा है। यदि विभाग ने समय रहते जर्जर तारों की सुधि ली होती और ट्रांसफॉर्मर के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए होते तो शायद दो बेकसूर जानें बचाई जा सकती थीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की जोरदार मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह देखना अहम होगा कि इस प्रशासनिक लापरवाही पर क्या कदम उठाए जाते हैं।


