Nepal Floods Trishuli Hydropower Tunnel Rescue Operation: नेपाल में आए भीषण बाढ़ के 10वें दिन कुदरत का करिश्मा (चमत्कार) देखने को मिला है। रसुवा में त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर सुरंग से 10वें दिन 2 लोग जिंदा निकले हैं। मलबे से दो लोगों को जिंदा रेस्क्यू किया गया है। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 9 दिन बाद सुरंग के अंदर से 2 व्यक्तियों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। त्रिशूली हाइड्रोपावर प्लांट के सुरंग से और मजदूरों की आवाजें सुनाई दे रही है। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।
नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी फ्लैश फ्लड के नौ दिन बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला गया। रेस्क्यू टीम ने मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महार्जन को सुरक्षित निकाला। हले संजय साह को बाहर निकाला गया और उसके बाद कबीर महार्जन को भी सुरक्षित निकाल लिया गया।
दपरअसल त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर स्टेशन में कई मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। बचाव अभियान के दौरान सुरंग के अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। इसके फंसे लोगों के जिंदा होने की उम्मीद बनी थी। रेस्क्यू टीम ने अंदर फंसे लोगों से कहा, “घबराएं नहीं, हम आपको बचाने आए हैं। इसके जवाब में अंदर से आवाज सुनाई दी। इसके बाद नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने ऑपरेशन तेज किया और सुरंग के अंदर मौजूद लोगों से संपर्क स्थापित किया। रेस्क्यू टीमों को आशंका है कि अभी और लोग सुरंग के अंदर फंसे हो सकते हैं, इसलिए तलाश जारी है।
फ्लैश फ्लड में 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े 900 से ज्यादा कर्मचारी लापता
बता दें कि 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने त्रिशूली नदी के पूरे कॉरिडोर में भारी तबाही मचाई थी। इस हादसे में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 6 हजार से अधिक लोग लापता हैं। इनमें से 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े 900 से ज्यादा कर्मचारी लापता हैं। इनमें से सैकड़ों के सुरंगों और जमीन के नीचे बने हिस्सों में फंसे होने की आशंका है। मुश्किल हालात के बीच रेस्क्यू टीमें लगातार सुरंगों और क्षतिग्रस्त ढांचों में फंसे दूसरे लोगों की तलाश कर रही हैं। रसुवा और नुवाकोट में बाढ़ से प्रभावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में लापता करीब 500 कर्मचारियों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका जताई गई है। बाढ़ शुरू होने के वक्त कुछ कर्मचारियों ने मदद के लिए आवाज लगाई थी। सुरंगों से बाहर निकलने में कामयाब कर्मचारियों ने भी बताया था कि उनके कई साथी अंदर फंसे हुए हैं।

ऑक्सीजन कम होने से बढ़ी चिंता
रेस्क्यू ऑपरेशन लंबा खिंचने के बीच विशेषज्ञों को सुरंगों के अंदर ऑक्सीजन का स्तर कम होने की चिंता है। इससे अंदर फंसे लोगों के बचने की संभावना लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। इस बीच, सुरंग के अंदर से एक से ज्यादा लोगों की आवाज सुनाई देना रेस्क्यू टीम और उनके परिवारों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है।
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