Nishu Azad-Swatantra Bhardwaj Case: निशु आजाद और स्वतंत्र भारद्वाज मामले में नया ट्विस्ट आ गया है। स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद अब निशु आजाद और उसके पिता संजय आजाद (Sanjay Azad) के खिलाफ भी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। बाप-बेटी पर हिंदू देवी-देवताओं को अपमान’ करने का आरोप लगा है। सुप्रीम कोर्ट के वकील ने निशु आजाद और संजय आजाद के खिलाफ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। सुप्रीम कोर्ट के वकील ने उन दोनों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने-अपने सोशल मीडिया हैंडल पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है।

हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद स्टूडेंट प्रोटेस्टर निशु आजाद और उनके पिता संजय आजाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। दोनों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के वकील अमिता सचदेवा ने बाप-बेटी की जोड़ी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि निशु के एक्स अकाउंट पर भगवान शिव, भगवान कृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा के बारे में अपमानजनक बातें लिखी गई थीं। सचदेवा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण काम करना) और धारा 196 (धर्म समेत अन्य आधारों पर समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की लागू होने वाली धाराओं के तहत भी कार्रवाई करने की मांग की है।

हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई

अपनी शिकायत में वकील ने कहा गया है कि मैं एक हिंदू हूं और धर्म का पालन करती हूं। मैंने नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में रहते हुए एक्स (पहले ट्विटर) पर नीचे दी गई पोस्ट देखीं। ये पोस्ट अभी भी सबके लिए मौजूद हैं। इनसे मेरी और दूसरे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत के अनुसार, एक्स अकाउंट @Nishuazad11 से सितंबर 2023 और अगस्त 2026 के बीच पोस्ट की गई चार पोस्ट में कथित तौर पर चार हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया। शिकायत के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से पब्लिश की गई इन चार पोस्ट में हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को भड़काने के जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं का अपमान किया गया।

दुर्भावनापूर्ण तरीके से पब्लिश की गई पोस्ट

सुप्रीम कोर्ट के वकील अमिता सचदेवा ने आरोप लगाया कि ये पोस्ट जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से पब्लिश की गई थीं। उन्होंने दावा किया कि इनका मकसद हिंदू समुदाय के लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काना था। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पहले इन पोस्ट को हटाने की मांग की थी, लेकिन वे ऑनलाइन बनी रहीं। शिकायत में कहा गया है कि निशु ने खुद को नाबालिग बताया है। सचदेवा ने उसके पिता को उसका अभिभावक बताया है।

स्वतंत्र भारद्वाज के बयान से शुरू हुआ विवाद

बता दें कि निशु-स्वतंत्र भारद्वाज मामले के विवाद की शुरुआत स्वतंत्र भारद्वाज के बयान से शुरू हुआ था। स्वतंत्र भारद्वाज नेइंटरव्यू में कथित तौर पर दावा किया कि जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने निशु के पिता संजय आजाद का सिर फोड़ दिया था। उसने चिराग पासवान और कपिल मिश्रा जैसे नेताओं के साथ अपने ‘कनेक्शन’ की वजह से आसानी से बच निकलने की बात भी कही थी। उसके इन बयानों से विवाद खड़ा हो गया था। विपक्षी नेताऔं और कॉकरोच जनता पार्टी ने इस मुद्दे से अच्छे से भुनाया। दोनों स्वतंत्र भारद्वाज पर कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एससी और एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर यूपी से गिरफ्तार किया था। फिलहाल स्वतंत्र पुलिस रिमांड पर है।

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