पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपनी निम्न स्तर की मानसिकता को सबके सामने दर्शाया. पाकिस्तान के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हुए कहा कि वहां रह रहे 4% हिंदुओं को पाकिस्तान बर्दाश्त करती है. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान हिंदुओं को आजादी देता है.
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों और दोनों देशों की सोच को लेकर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने एक विवादित दावा किया है.
अपनी आदत से मजबूर पाकिस्तान ने अपनी स्वतंत्रता दिवस के मौके भी जहर उगलना नहीं छोड़ा. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हिंदू अल्पसंख्यकों को लेकर ऐसा बयान दिया, जिस पर सवाल उठने लगे हैं.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि भारत ‘अखंड भारत’ की सोच में विश्वास करता है, जबकि पाकिस्तान में हिंदू अपने धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र हैं. भारत का अपना अलग नजरिया और एजेंडा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और उसमें रहने वाले मुसलमान 4 प्रतिशत हिंदू आबादी को झेल रहे हैं.
पाकिस्तान की करीब चार प्रतिशत हिंदू आबादी उसी तरह स्वतंत्रता के साथ रहते हैं, जैसी उन्हें कहीं और मिल सकती है. जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान ऐसे मुसलमानों का देश है जो दूसरे धर्मों को बर्दाश्त करते हैं.
हालांकि, पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के इस बयान पर फिल्म लेखक जावेद अख्तर ‘कमीशनखोरी’ का पुराना इतिहास याद दिलाकर जमकर धो दिया. जावेद अख्तर ने जरदारी के घूसखोरी वाले इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि वे (जरदारी) 10 प्रतिशत से कम वाली हरेक चीज के लिए असंवेदशील रहे हैं.
वहीं, केरल हाईकोर्ट के वकील रोहित मडास्सेरिल और वकील, लेखक व ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के शोधकर्ता अमित कृष्णकांत पॉल ने भी जरदारी की टिप्पणी की आलोचना की. कई भारतीयों ने आसिफ अली जरदारी के इस बयान की कड़ी निंदा की है.
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