पानीपत। हरियाणा में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के बीच पानीपत सिविल अस्पताल से सामने आई घटना ने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल किया है कि जब इलाज के लिए पहुंचने वाली महिलाएं अस्पताल परिसर में ही सुरक्षित नहीं रहेंगी, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
कांग्रेस के मुताबिक, पानीपत सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची एक महिला मरीज के साथ अस्पताल के एक टेक्नीशियन पर कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। आरोप है कि कर्मचारी महिला को एक कमरे में ले गया और कमरे को अंदर से बंद कर दिया। महिला ने कथित तौर पर विरोध करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति ऐसी बनी कि वह तत्काल इसका विरोध नहीं कर सकी।
इस घटना को लेकर कांग्रेस ने सीधे सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
पार्टी का कहना है कि अस्पताल ऐसी जगह है जहां मरीज इलाज के साथ सुरक्षा और भरोसे की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। यदि अस्पताल के भीतर ही महिला मरीज के साथ इस तरह की घटना का आरोप सामने आता है, तो अस्पताल प्रशासन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
कांग्रेस का सवाल- अस्पताल में भी बेटियां सुरक्षित क्यों नहीं?
कांग्रेस ने घटना को लेकर सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बावजूद अस्पताल परिसर में ऐसी घटना कैसे हुई। पार्टी ने पूछा कि अस्पताल में तैनात कर्मचारियों की निगरानी किस स्तर पर होती है और मरीजों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।
कांग्रेस ने इसे केवल एक महिला से जुड़ा मामला नहीं बताते हुए अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जरूरत बताई है। पार्टी के अनुसार, यदि अस्पताल में आने वाली महिलाएं ही खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी तो सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा प्रभावित होगा।
‘बेटी बचाओ’ के नारे से लेकर अस्पताल की सुरक्षा तक सवाल
कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के अभियान का भी हवाला दिया। पार्टी का सवाल है कि बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों का वास्तविक असर जमीन पर कितना है, जब अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर भी ऐसी शिकायत सामने आ रही है।
घटना ने अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही, कर्मचारियों की निगरानी और महिला मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने सरकार से मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल घटना को लेकर सामने आए आरोपों की जांच और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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